रोहतक। शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। राज मोहल्ला में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां के करीब 50 घरों के लोग इस पानी को पीने के लिए मजबूर है। विडंबना यह है कि प्रशासन और विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कहने को तो जनस्वास्थ्य विभाग ने लोगों की शिकायतें सुनने के लिए शिविर भी लगाए, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान कर सके। लेकिन, शहर की तीन-तीन काॅलोनियों में काफी समय से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
स्थानीय लोग रोजमर्रा के कामों के लिए पानी खरीद रहे हैं। नलों से आ रहा पानी पीने लायक नहीं है। इस कारण लोगों को पेयजल खरीदना पड़ रहा है। यही नहीं, घरों में लगे नल में आने वाले पानी का बिल भी चुकाना पड़ रहा है। जबकि यह पानी बीमार करने वाला है। यहां के लोग दूषित व बदबूदार पानी पी रहे हैं और हर माह इसका बिल भरने को विवश भी हैं। विभाग लोगों की इस समस्या से अनजान बना बैठा है। ज्यादातर घरों में पेयजल के लिए कैंपर मंगवाएं जा रहा है। लोग रोजाना कम से कम एक कैंपर मंगवा रहे हैं। इसका प्रतिमाह बिल कम से कम 600 रुपये बनता है। इसी तरह जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल सप्लाई के लिए भी हर माह शुल्क वसूलता है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए दो-दो बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। इसके बावजूद पेयजल समस्या बनी हुई है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग बूस्टर से पानी ढोकर लाते हैं।
इस संबंध में शिकायत की जानकारी नहीं है। बुधवार को इसकी जांच कराएंगे। दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है तो तत्काल समाधान कराया जाएगा।
-अनिल रोहिल्ला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग