राशन डिपो पर राशन की गुणवत्ता को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। शुक्रवार को ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से तीन लोग डीएफएसी कार्यालय में पहुंचे और पांच किलो खराब आटा दिखाया। साथ ही डीएफएसी को लिखित में पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। दूसरी तरफ डीएफएससी का दावा है कि शिकायतकर्ता बाकी खराब 15 किलो आटा नहीं दे रहा है। इससे मामला संदिग्ध लग रहा है। शनिवार को डिपो पर जाकर पूरे आटे की जांच पड़ताल कराएंगे।
ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी जसबीर सिंह दो अन्य लोगों के साथ शुक्रवार दोपहर लघु सचिवालय स्थित डीएफएससी के कार्यालय में पहुंचे। विभाग के इंस्पेक्टर आनंद शर्मा को पांच किलो के करीब एक कट्टे में आटा दिखाया। दावा किया कि कन्हेली रोड स्थित डिपो से 20 किलो आटा मिला था। आटा खराब है, जिसे पशुओं का भी नहीं खिलाया जा सकता। इस तरह का आटा बांटकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न की जाए। साथ ही जांच कर खराब आटे का वितरण बंद किया जाए। जहां से आटा लिया जा रहा है, वहां से आपूर्ति रोकी जाए। पत्र पर कुलदीप, रमेश व सतीश के भी हस्ताक्षर हैं। साथ ही पत्र की कॉपी पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल, गृहमंत्री अनिल विज, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, डीसी व खाद्य आपूर्ति अधिकारी को भी भेजी दर्शाई गई है।
इस्माईला में डिपो से मिले आटे को लेकर ग्रामीण नाराज
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा डिपो के माध्यम से दिए जा रहे आटे की गुणवत्ता को लेकर शुक्रवार को विवाद हो गया। विभाग ने आटा बदलवाने का भरोसा दिया है। महिला लीला, रोशन व बबली ने कहा कि आटे की सही रोटी नहीं बन रही है। आटा न केवल काला है, बल्कि गांठ बनी हुई है। महिलाओं ने बताया कि जब उन्होंने डिपो होल्डर से शिकायत की तो उसने कहा कि जैसे आटा आएगा, वैसा ही तो मिलेगा। बताया गया है कि करीब 10 दिन पहले आटा डिपो पर आया था। उसे समय पर नहीं बांटा गया। इस कारण नमी के चलते आटा खराब हो गया। इस संबंध में विभाग के इस्पेक्टर पवन धनखड़ से बात की तो उन्होंने बताया कि खराब आटा बदल दिया जाएगा।
ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी जसबीर की शिकायत पर खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर की जांच के लिए ड्यूटी लगाई गई। इंस्पेक्टर ने बताया है कि वह डिपो पर पहुंचा तो ज्यादातर आटा सही मिला। जब शिकायतकर्ता से पांच किलो के अलावा बाकी खराब 15 किलो आटा मांगा गया तो उसने देने से इनकार कर दिया। कहीं न कहीं मामला संदिग्ध है। शनिवार को दोबारा डिपो पर जाकर गहराई से जांच पड़ताल करवाएंगे।
- अपार तिवारी, जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक अधिकारी