रैनकपुरा के पास एक निजी फार्म हाउस पर बूस्टर बनाने के काम में देरी को लेकर चार कॉलोनियों के निवासियों ने करीब तीन घंटे रोड जाम कर दिया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बूस्टर बनाने के लिए 4 कॉलोनियों के लोगों ने प्रशासन को इस कार्य के लिए 45 दिन का अल्टीमेटम दिया है, नहीं तो 46वें दिन वह रोड जाम कर अनशन करेंगे। तहसीलदार राजेश कुमार के समझाने के बाद लोगों ने अल्टीमेटम देकर जाम खोला।
निवासियों ने कहा कि नगर निगम व जनस्वास्थ्य विभाग सभी एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं। कोई बूस्टर निर्माण को आगे बढ़ाने का कार्य नहीं कर रहा है। निवासियों के संयम के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इसको लेकर मंगलवार को गोहाना लिंक रोड के मुख्य सड़क पर जाम लगाया गया। सुबह 11 बजे से दोपहर करीब 2:15 बजे तक जाम लगाया रखा। इसमें रैनकपुरा, आनंदपुरम, कबीर कॉलोनी और खोखराकोट के 1000 से ज्यादा लोग शामिल हुए। लोगों ने कहा कि बूस्टर को लेकर पिछले वर्ष एनओसी मिलने के बाद भी दोनों ही विभागों की ओर से कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। दो माह बाद गर्मी शुरू हो जाएगी। पानी किल्लत बढ़ जाएगी। इसके बाद लोगों को पेयजल के लिए और परेशान होना पड़ेगा। प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं द रहा है।
प्रशासन ने बूस्टर के लिए मांगा एक माह
बूस्टर निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से दस दिन के भीतर जनस्वास्थ्य विभाग को इसमें आने वाले खर्च का एस्टिमेट बनाकर देना है। इसके बाद नगर निगम टेंडर के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को रुपये प्रदान करेगा। इसके बाद जाकर काम शुरू होगा। बूस्टर निर्माण के लिए प्रशासन ने एक माह का समय मांगा है। वहीं निवासियों ने डेढ़ माह माह का अल्टीमेटम दिया है।
गर्मियों में पानी की किल्लत से जूझते हैं कॉलोनीवासी
निवासियों का कहना है कि जब डीसी की ओर से पूर्व सात जुलाई 2024 को एनओसी दे दी गई है। इसके बावजूद इतने माह बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग टेंडर लेने का कार्य नहीं कर रहा है। अब बूस्टर बनकर तैयार हो गया होता। गर्मियों में पानी की अधिक समस्या रहती है। इसके बावजूद भी विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंग रही।
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बूस्टर बनाने का कार्य अमृत-1 तहत नगर निगम को करना था। फिलहाल यह तय हुआ है कि पब्लिक हेल्थ विभाग खर्च का एस्टीमेट बनाकर 10 दिन में नगर निगम को देगा। नगर निगम इसके रुपये देगा। इसके बाद टेंडर किया जाएगा और बूस्टर बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। लोगों ने एक माह से ज्यादा टेंडर का वक्त दिया है।
-अनिल रोहिल्ला, एसडीओ पब्लिक हेल्थ।
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जनस्वास्थ्य विभाग की ओर प्रस्ताव आता है तो विचार करेंगे, ताकि लोगों की पेयजल समस्या का समाधान हो सके।
- भूपेंद्र सिंह, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।