विधायक के सामने ही निगम कर्मी और लोग आपस में भिड़ गए। सफाई को लेकर काफी
देर तक दोनों ओर से आरोप-प्र्रत्यारोप के तीर चले। आखिर में समस्या समाधान
नहीं होने पर लोग नाराज होकर खुले दरबार से लौट गए। इस तरह खुले दरबार में
अधिकारियों के हावी रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि
अधिकारी विधायक के सामने ही लोगों को धमकाते रहते हैं। हालांकि कुछ लोगों
को आश्वासन जरूर मिलता है।
भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर ने शनिवार को एकता
कॉलोनी में जनता दरबार लगाया, जहां लोग समस्याएं लेकर पहुंचे। यहां लोगों
की सबसे बड़ी समस्या सफाई नहीं होने की थी, जिसके निस्तारण के लिए नगर निगम
के सफाई इंस्पेक्टर मौजूद थे। वहां लोगों की शिकायत पर मामला सफाई
इंस्पेक्टर के पास भेज दिया, लोगों ने कहा कि उनके यहां रोज सफाई होनी
चाहिए।
लेकिन सफाई इंस्पेक्टर ने साफ इन्कार कर दिया, जिसको लेकर नोकझोंक
शुरू हो गई। विधायक बैठे रहे और नोकझोंक होती रही। लोगों ने बताया कि
विधायक समस्या के निस्तारण का जिम्मा अधिकारियों को सौंप देते हैं और
अधिकारी उसमें अड़चन लगाकर काम टाल देते हैं। इस तरह विधायक का खुला दरबार
अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रहा है।