35...डॉ. मनदीप कादियान,फिजिशियन,नागरिक अस्पताल
रोहतक। कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। ऐसे में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। खासकर बुजुर्गो, बच्चों व गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि ग्रैप-4 लागू होने व कोहरा बढ़ने से बुजुर्गों को सुबह 10 के बाद सैर पर निकला चाहिए। दोपहर में सैर कर सकते हैं। इसके साथ ही प्रदूषण से बचने के लिए दो या चार परतों वाले मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।
एन 95 मास्क का उपयोग सबसे बेहतर रहता है। कोताही बरतने पर खांसी, सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों व अन्य कार्यों से पर्यावरण में बेहद सूक्ष्म कण 2.5 की मात्रा बढ़ गई है। इससे मरीजों को भी फेफड़ों संबंधी समस्या होने की संभावना रहती है।
समय मिलने पर हल्का व्यायाम करें
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनदीप कादियान ने बताया कि सदी में हृदय मरीजों की परेशानी बढ़ने की संभावना रहती है। ठंडे मौसम में हृदय की वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। इससे रक्त संचरण प्रभावित होता है। कुछ हृदय रोगियों की पहले ही समस्या के कारण वाहिकाएं सिकुड़ी होती हैं। ठंड में और ज्यादा सिकुड़ने की संभावना रहती है इसलिए मरीजों को धूप निकलने पर ही बाहर निकलना चाहिए।
आमतौर पर लोग सुबह नंगे पांव घास पर टहलने को फायदेमंद मानते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। हृदय के मरीजों को लक्षण के तौर पर सीने में दर्द, जकड़न व सांस लेने में परेशानी हो सकती है। हृदय के मरीजों को दवाइयों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। जीवनशैली में हृदय के मरीजों को आधे घंटे तक शारीरिक गतिविधियों को देना चाहिए। इसके साथ ही बुजुर्गों को जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ने की संभावना भी अधिक रहती है। बच्चों को भी फाइबर युक्त डाइट का ध्यान रखना चाहिए।