संवाद न्यूज एजेंसी
महम (रोहतक)। स्वतंत्रता दिवस समारोह में फायरिंग के केस में जमानत पर चल रहा पटवारी समाजसेवी बनकर मंडल आयुक्त पीसी मीणा के हाथों सम्मानित हो गया। मामला उजागर हुआ तो महम एसडीएम मुकुंद ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, पटवारी को नोटिस देकर सोमवार को कार्यालय में बुलाया है।
डीसी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि अगर गलत तरीके से सम्मान लिया है तो प्रशस्ति पत्र वापस लिया जाएगा। इसके लिए एसडीएम की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी तरफ सम्मानित होने वालों की सूची तैयार करने वाले अधिकारी पुलिस वेरिफिकेशन का नियम उपमंडल स्तर पर न होने की बात कहकर चूक से पल्ला झाड़ रहे हैं।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, 9 जुलाई को महम के भिवानी स्टैंड पर सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग करने की सूचना मिली थी। पुलिस ने जांच पड़ताल कर सीसरखास गांव निवासी विकास राठी के खिलाफ केस दर्ज किया था।
भिवानी में पटवारी के तौर पर कार्यरत विकास राठी केस में फिलहाल जमानत पर है। इससे पहले इस पर महिला पुलिस कर्मचारी ने बस में अभद्रता करने का आरोप विकास पर लगाया था, बाद में मामला निपट गया था।
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समाजसेवी बनकर किया आवेदन, मंडल आयुक्त ने दिया प्रशस्ति पत्र
महम तहसीलदार रवि ने बताया कि पटवारी विकास राठी ने आवेदन फाॅर्म के साथ अपने किए गए रक्तदान व अन्य सामाजिक कार्यों से संबंधित समाचारों की करीब 80 कटिंग एसडीएम कार्यालय में जमा कराईं।
समाजसेवी होने के नाते स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने का आग्रह किया। अब तक उपमंडल स्तर पर सम्मानित होने वालों की पुलिस वेरिफिकेशन कराने का नियम नहीं था। अब मामला संज्ञान में आने के बाद भविष्य में सम्मानित होने वाले सभी सदस्यों की पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक कर दी गई है।
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने वालों की सूची की पुलिस वेरिफिकेशन कराई थी। महम में फायरिंग के आरोपी पटवारी के समाजसेवी बनकर सम्मान लेने का मामला संज्ञान में आया है। महम एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरत पड़ी तो प्रशस्ति पत्र वापस लिया जाएगा।
- धर्मेंद्र सिंह, डीसी रोहतक
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समाजसेवा के काम करता हूं : विकास राठी
दी रेवन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के राज्य उप प्रधान विकास राठी का कहना है कि रक्तदान व पौधरोपण सरीखे काम करता रहा हूं इसलिए सम्मानित होने के लिए नाम भेजा था। कोई किसी पर आरोप लगा देता है। ऐसे में आरोप लगने से कोई दोषी नहीं हो जाता। अभद्रता का मामला काफी पहले खत्म हो चुका है।