रोहतक। पीजीआई की व्यवस्था ऐसी है कि वार्ड में मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे हैं। यहां स्ट्रेचर पर ही मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। ऐसे में यहां की व्यवस्था चरमराई हुई है। संवाद न्यूज एजेंसी ने मंगलवार रात वार्ड तीन के हालात जांचे तो यह अव्यवस्मा सामने आई।
संस्थान के वार्ड नंबर तीन में मंगलवार रात हर तरफ मरीज नजर आए। यहां के हर बेड पर मरीज आराम करते मिले। यही नहीं, बेड के साथ कुछ स्ट्रेचर भी नजर आए। इन पर मरीज लेटे हुए थे। वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण बेड कम पड़ गए।
इस कारण मरीजों को स्ट्रेचर पर रहना पड़ा। चिकित्सक ने भी मरीजों को वहीं जाकर उपचार दिया। गर्मी के चलते उल्टी, पेचिश, पेट दर्द व डायरिया केस बढ़ गए हैं। पहले ऐसे केस इकाई के अंक तक सीमित थे। अब यह संख्या दहाई के अंक में पहुंच गई है।
मंगलवार को वार्ड में करीब 30 नए मरीज पहुंचे, जबकि पहले से उपचाराधीन मरीज अलग हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि वार्ड में मरीज ज्यादा हैं। इस कारण बेड नहीं मिल रहा है। स्ट्रेचर पर ही मरीज को इलाज दिया जा रहा है।
केस 1:
पति को पेट में दिक्कत होने की कारण पीजीआई लेकर आई हूं। डाॅक्टरों ने तबीयत खराब बताते हुए भर्ती किया है। यहां वार्ड में आने के बाद से मरीज स्ट्रेचर पर ही हैं। बेड नहीं मिला है।
- फूलवति, लाखन माजरा।
बहन की प्लेटलेट्स कम हो गई हैं। इस कारण भिवानी से पीजीआई आई हूं। भिवानी से उसे रेफर किया गया है। पीजीआई में डाॅक्टरों ने भर्ती कर वार्ड-3 में भेज दिया। यहां मरीज को बेड ही नहीं मिला है।
- सुरेश, भिवानी।
वार्ड तीन मेडिसिन विभाग का है। यहां अक्सर मरीज अधिक आने पर स्थिति गड़बड़ा जाती है। संभवत: वार्ड में मरीज अधिक आए होंगे। इस कारण उन्हें बेड नहीं मिल पाया होगा। यहां नए बेड लगवाए गए हैं। फिर भी कमी है तो और व्यवस्था बनाई जाएगी।
- डाॅ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई।