रोहतक। रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज होने के बावजूद एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए यात्री पटरियों का प्रयोग कर रहे है। यहां पर दो फुटओवर ब्रिज होने के बावजूद यात्री इनका प्रयोग नहीं करते हैं। कई बार तो यात्री चलती ट्रेन में भी चढ़ जाते हैं। इस लापरवाही से हादसे होने का भी खतरा बना रहता है।
18वीं शताब्दी में तैयार रेलवे स्टेशन आज जंक्शन बना हुआ है। यहां गोहाना, जींद, रेवाड़ी, भिवानी, दिल्ली की ओर गाड़ियों का आवागमन होता है। प्रतिदिन 30 हजार से अधिक यात्री रोजाना यहां से यात्रा करते हैं। परिवहन की दृष्टि से यह रेलवे स्टेशन बेहद महत्वपूर्ण स्टेशन है, क्योंकि पीजीआईएमएस व कई विश्वविद्यालय व शैक्षणिक संस्थान होने के चलते काफी मरीजों और विद्यार्थियों का भी आवागमन होता है।
फैंसिंग के लिए पत्र भेजा
रेलवे स्टेशन लाइन पर फैंसिंग लगाकर हादसों को रोकने के लिए रेलवे ने कुछ समय पहले चीफ इंजीनियर विभाग को पत्र भी लिखा था, लेकिन अभी कोई बजट नहीं आया है। विभाग ने यहां पर फैंसिंग लगाने की अब तक कोई स्वीकृति भी नहीं दी है। अगर विभाग फैंसिंग लगाने की स्वीकृति दे देता है तो इन हादसों को होने से रोका जा सकता है। जीआरपी और रेलवे पुलिस भी लोगों को समझाती है। उन पर जुर्माना भी लगाती है, लेकिन हर रोज ऐसा ही देखा जाता है लोग ऐसे ही रेलवे लाइन पार करते है।
वर्जन
यात्रियों को समझाने के लिए अभियान भी चलाया जाता है। लाइन पर फैंसिंग लगाने के लिए चीफ इंजीनियर विभाग को बोला है। इससे ही अब हादसों को रोका जा सकता है।
रूपचंद मीणा, आरपीएफ, थाना प्रभारी
लाइन पर फैंसिंग लगाने के लिए पहले भी विभाग को बोला जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जो लोग ओवरब्रिज का प्रयोग न करके पटरियों से ही दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाते है। पुलिस उन पर कार्रवाई भी करती है। जुर्माना भी लगाती है।
बलराम मीणा, स्टेशन अधीक्षक, रेलवे स्टेशन