प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहिसाब वालों से हिसाब लेने की परीक्षा में आम लोगों के पसीने छूट रहे हैं। सुबह से शाम तक बैंकों, डाकघरों और एटीएम के बाहर घंटों लाइन में लगने के बाद भी जरूरत भर के पैसे नहीं मिल रहे हैं। जरूरी कार्यों को छोड़कर नोट बदलने, जमा करने और निकालने की जद्दोजहद में अधिकतर को निराशा हाथ लग रही है। बहुत कम लोग हैं जिन्हें जरूरत भर का नोट मिल पा रहा है। ऐसे में कइयों की दिनचर्या गड़बड़ा गई है। छोटी-छोटी चीजें खरीदने में लोगों को परेशानी आ रही है। लोगों के अधिकतर काम उधारी पर चल रहे हैं।
शनिवार को एटीएम खुलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लगी। 80 फीसदी एटीएम के शटर बंद रहे। घंटों इंतजार के बाद कुछ जगहों पर एटीएम खुले तो बाहर कतार में खड़े लोगों का जब तक नंबर आया मशीन से पैसे निकलने बंद हो गए। बैंकों-डाकघरों में पुराने नोट बदलवाने और जमा कराने की जद्दोजहद तो दूसरी ओर एटीएम पर इंतजार करते लोग अब आक्रोशित होने लगे। यही नहीं, नोटबंदी ने बैंकों-डाकघरों के आला अधिकारियों का भी सिरदर्द बढ़ा दिया है। कैश नहीं मिलने से लोग बैंक-डाकघर के कर्मचारियों पर गुस्सा उतारने लगे हैं। सरकारी विभागों के उच्च अधिकारी भी बैंकों से कैश नहीं मिलने से परेशान हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर चंडीगढ़-पंचकूला से जल्द कैश नहीं पहुंचा तो मुसीबत बढ़ जाएगी। नोट बंद होने से जिले में करीब 300 करोड़ रुपये के लेन-देन का अनुमान। वहीं, कारोबार को 95 फीसदी नुकसान बताया जा रहा है।
दो से तीन घंटे में खत्म हो जा रही एमटीएम में नकदी
शहर में हर चौक-चौराहों पर चंद कदमों की दूरी पर हर राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंक के एटीएम हैं, लेकिन तीन से पांच किलोमीटर चलने के बाद भी लोग एटीएम से दो हजार रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं। एटीएम पर लोगों की भीड़ इतनी है कि ढाई से तीन घंटे में नकदी खत्म हो जा रही है। आईसीआईसीआई और एक्सिेस बैंक ने तो ग्राहकों को एसएमएस करके एटीएम से पैसे निकलाने के लिए बुलाया था, लेकिन कई जगहों पर इनके एटीएम नहीं चले। पीएनबी, एसबीआई, कैनरा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की मुख्य शाखा के अलावा दिल्ली बाईपास, मेडिकल मोड़, जिला विकास भवन, रामनगर स्थित शिक्षा भारती विद्यालय पर एटीएम चले। इन एटीएम का फायदा उठाते हुए अधिकतर लोग परिवार सहित पैसे निकलवाने के लिए पहुंच गए। इस वजह से दूसरे लोगों को दो से तीन घंटे तक कतार में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
एसबीआई में टोकन मशीन खराब, हुई परेशानी
कोर्ट परिसर के समीप एसबीआई की मुख्य शाखा में सुबह 8:30 बजे ही खिड़की पर टोकन लेने के लिए लंबी लाइन लग गई। करीब 10:30 बजे टोकन मशीन खराब होने से बैंक अधिकारियों सहित लोगों की परेशानी बढ़ गई। ऐसे में बैंक प्रबंधक व कर्मी ने हाथ से ही नोट बदलवाने और जमा कराने के लिए एक ही टोकन बनाने लगे। कर्मचारी 15 से 20 मिनट में 200 टोकन लेकर आता और लोग लाइन तोड़कर टोकन के लिए मारामारी करने लगते। बैंक में रोजाना तीन से चार हजार लोग पैसों का लेन-देन करने पहुंच रहे हैं। एसबीआई की मुख्य शाखा सहित 20 शाखाओं में लगभग 37 करोड़ का लेन-देन हुआ है।
आज खुलेेगा बीएसएनएल का कैश काउंटर
नोटबंदी में बीएसएनएल ने भी अपने उपभोक्ताओं को राहत दी है। निगम के महाप्रबंधक ने कैश काउंटरों को 14 नवंबर तक सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक खोलने के आदेश दिए हैं। महाप्रबंधक ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के पुराने बिल हैं वे 500-1000 रुपये का नोट देकर भर सकते हैं। रविवार को बीएसएनएल का कैश काउंटर खुला रहेगा।
मुख्य डाकघर में मिले फटे नोट, लोगों ने किया विरोध
मुख्य डाकघर में 50-50 रुपये के फटे नोट मिलने पर लोगों ने विरोध जताया। लोगों ने सीनियर पोस्टमास्टर एसके मान के पास जाकर आपत्ति जताई। लोगों ने कहा कि कोई नोट कॉर्नर से फटा है तो किसी को टेप से चिपकाया गया है। ये नोट बाजार में नहीं चलेंगे। ऐसे में इन्हें लेने का कोई फायदा नहीं है। सीनियर पोस्टमास्टर ने कहा कि बैंक से कटे-फटे नोट मिल रहे हैं। उनके पास तो पूरा कैश नहीं है। जैसे-जैसे नोट आ रहे हैं, लोगों को देते जा रहे हैं। एसबीआई से दो दिन से कैश लेने में दिक्कत आ रही है। पहले एक दिन में 10 हजार रुपये कैश लेने की सीमा थी। जिसे आरबीआई ने खत्म कर दिया है। इसके बावजूद कैश मिलने में परेशानी आ रही है। शुक्रवार को करीब 50 लाख रुपये की नकदी मिली थी, जिसे दो दिनों में बांट दिया गया है। डाकघर में करीब साढ़े पांच करोड़ का लेन-देन हुआ है।
इन जगहों पर आई दिक्कतें
- जिला विकास भवन में पीएनबी के एटीएम में दोपहर को नकदी खत्म हो गई। इस वजह से लोग परेशान हुए। दो घंटे के इंतजार के बाद लोगों के पैसे जमा नहीं किए गए तो वे बिफर गए।
- सोनीपत रोड पर ओबीसी बैंक के एटीएम से तो पैसे निकल रहे थे, लेकिन बैंक में कैश नहीं था। बैंक के बाहर नोटिस लगाया गया कि यहां केवल पुराने नोट जमा किए जाएंगे।
- प्रधान डाकघर में दोपहर तीन बजे के बाद कैश खत्म हो गया। सरकारी विभागों के कर्मचारी और आम जन के लिए करीब पांच काउंटर बनाए गए थे।
मुख्य डाकघर में पुराने नोट जमा कराने के लिए बेटे को साथ में लेकर आई। मैं ज्यादा देर तक खड़ी नहीं हो सकती हूं, इसलिए आकर बैठ गई। वह लाइन में मेरी जगह खड़ा है। दो घंटे से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है।
- निर्मला, रूप नगर कालोनी।
सुबह 9:30 बजे से डाकघर में पुराने नोट बदलवाने के लिए खड़े हैं। 11:15 बजे चार हजार रुपये का कैश हाथ में आया तो कई नोट फटे निकले। अब इन नोटों को वापस करना चाहते हैं, लेकिन कर्मचारी लेने को तैयार नहीं है।
- देवेंद्र, एकता कालोनी।
पढ़ाई पर भी नोटबंदी का असर, परेशान हो रही छात्राएं
नोटबंदी का असर पढ़ाई पर भी देखने को मिला। कॉलेज की छात्राएं पढ़ाई छोड़कर डाकघर-बैंक में पुराने नोट बदलवाने के लिए परेशान होती दिखाई दी। डीएलएफ कालोनी की पूजा ने बताया कि घर वालों ने नोट बदलवाने के लिए भेजा है, क्योंकि यह कॉलेज के पास है। एक घंटे से ज्यादा समय हो गया लेकिन नंबर नहीं आया। शिवाजी कालोनी की कोमल व रिया ने बताया कि नोट बदलने के लिए दो दिन से चक्कर काट रहे हैं। डाकघर में लोगों की भीड़ देखी और थोड़ी देर इंतजार किया। यहां कैश निकलने की उम्मीद नहीं है इसलिए बैंक जा रही हैं।
बैंकों में कैश ज्यादा नहीं तो कम भी नहीं है। डाकघर या बैंक में से कैश खत्म होने की कोई समस्या नहीं आई है। अभी नई करैंसी आने में थोड़ा वक्त लगेगा। इसलिए एटीएम पूरी तरह से शुरू नहीं हो पा रहे हैं। पीएनबी ने शहर में कई जगहों पर अपने एटीएम शुरू किए है।
- नरेश बंसल, अग्रणी बैंक अधिकारी, रोहतक