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सुबह नौ बजे मैदान में पहुंचना है, रात 11 बजे तक 5500 खिलाड़ी कर रहे थे भोजन का इंतजार

Sun, 13 Nov 2016 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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देर रात तक परेशान होते रहे राज्य स्तरीय ग्रामीण खेल प्रतियोगिता के सभी खिलाड़ी महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए रहने की भी व्यवस्था नहीं कर पाया प्रशासन सड़क पर जाम लगाकर मांगना पड़ा भोजन, फिर भी मिला केवल चावल और सब्जी - फोटो : amar ujala
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पहले तो आनन-फानन में प्रतियोगिता का आयोजन। इसके बाद प्रदेश भर से आए करीब 5500 से महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों के लिए न रहने की सही व्यवस्था न खाने की। रात करीब नौ बजे तक भोजन नहीं मिलने पर खिलाड़ियों ने हंगामा कर दिया। करीब 10 मिनट तक दिल्ली रोड पर जाम लगाया तो प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। खिलाड़ियों को किसी तरह मनाकर शांत कराया, लेकिन 10 बजे के करीब खाने में केवल सब्जी और चावल मिलने के बाद माहौल फिर गरमा गया। भूखे पुरुष खिलाड़ी खाने पर टूट पड़े, जिससे अफरातफरी मच गई। इस बीच महिला खिलाड़ियों के लिए खाने की व्यवस्था नहीं हो पाई थी। महिला खिलाड़ी रात करीब 11 बजे तक भोजन का इंतजार करती रहीं। इस बीच उन्हें केला और दूध जरूर दिया गया, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं थीं। उनका कहना था कि उन्हें भोजन दिया जाए। जिसे उपलब्ध कराने में प्रशासनिक अधिकारी खुद को असहाय पा रहे थे। यह सब तब हो रहा था जबकि खिलाड़ियों को सुबह नौ बजे ही मैदान में पहुंचना था और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को कार्यक्रम का उद्घाटन करना था।
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प्रदेश में खिलाड़ियों का कितना सम्मान होता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला प्रशासन राज्य स्तरीय ग्रामीण खेल प्रतियोगिता में शनिवार को शिरकत करने पहुंचे तकरीबन 5500 खिलाड़ियों के लिए न रहने की सही व्यवस्था कर पाता है न ही खाने की। आधी रात तक खिलाड़ियों में खाना खाने के लिए जंग छिड़ी रही। जबकि प्रशासन लाचारी और बेबसी का ठीकरा आयोजन कर्ताआें पर फोड़ता नजर आया। इसी बीच कुछ लोगों ने मौके पर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाफी साबित हुई। बताय जा रहा है कि जिला प्रशासन को पांच दिन पहले ग्रामीण खेलों की मेजबानी का जिम्मा दिया गया था। जिसे प्रशासन ने अनिच्छा से स्वीकार किया था।

बहरहाल, पुरुष खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था जिला प्रशासन ने जाट कालेज में और महिला खिलाड़ियों की रहने की व्यवस्था महारानी किशोरी जाट कन्या कालेज में की थी। खिलाड़ियों के पहुंचने के बाद शाम सात बजे खाने का टोकन बांट दिया गया। इसके बाद खिलाड़ी खाने का इंतजार करते रहे, लेकिन रात नौ बजे तक खाना नहीं आया। परेशान होकर खिलाड़ियों ने रात करीब नौ बजे जाट कालेज के बाहर दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर जब प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तो खिलाड़ियों को जैसे-तैसे मनाकर ले गए। आश्वासन दिया कि जल्द ही खाने का इंतजाम हो जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद खिलाड़ियों ने जाम खोला और जाट कालेज के मैदान में चले गए।
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सिरसा से आए मोहित, भिवानी के राजू, फतेहाबाद की दीपिका और कुरुक्षेत्र की पूनम ने बताया कि उनके रहने और खाने का सही इंतजाम नहीं किया गया है। सवा दस बजे चावल, सब्जी और दाल ही पहुंच पाई। इस पर भूखे खिलाड़ी टूट पडे़ और परिसर में अव्यवस्था फैल गई। जबकि लड़कियों के लिए देर रात 11 बजे तक खाना उपलब्ध नहीं हो पाया था। लड़कियों को केले और दूध देकर काम चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन लड़कियां खाने के लिए हंगामा करती रही। खिलाड़ियों के सुरक्षा इंतजाम भी न के बराबर दिखाई दिए।

सीएम के आगमन की तैयारियों में जुटा प्रशासन, पीछे हंगामा

राजीव गांधी स्टेडियम में 13 नवंबर से शुरू होने वाली प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को करना है। इसकी तैयारी में प्रशासनिक अधिकारी जुटे रहे, लेकिन खिलाड़ियों के रहने और खाने-पीने की जिम्मेदारी को भूल गए। यही लापरवाही प्रशासन पर भारी पड़ गई। देर रात तक प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्था संभालने में लगे रहे।  

प्रशासन उठा चुका था पहले सवाल

चंडीगढ़ से पांच नवंबर को इस प्रतियोगिता की सूचना रोहतक प्रशासन को दी गई। कम समय का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों के संबंध में हाथ खडे़ कर दिए थे। लेकिन विभाग ने मानने से इनकार कर दिया। आयोजन की व्यवस्था के लिए अल्पकालीन निविदा भी मांग ली गई। इस संबंध में जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू ने भी आपत्ति जताई कि उन्हें नहीं बताया गया। जब रात को व्हाट्सएप पर आनलाइन टेंडर खुलने की सूचना उन्हें मिली तो उन्होंने कमेटी के बीच जाकर हंगामा भी किया। उनकी आपत्ति थी कि पंचायतों का मुखिया होने के बाद भी उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होेंने अपने सामने मैनुअल टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सूत्रों की मानें तो कैटरिंग के लिए दो, बिस्तर के लिए एक, ट्रैक सूट के लिए महज दो टेंडर आए थे।

नोटबंदी बनी परेशानी की वजह

सूत्रों की मानें तो सारी समस्या पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने की वजह से हुई। खाने और बिस्तर का टेंडर जारी होने के बाद सामान एकत्रित होने में समस्या हो गई। बताया जा रहा है कि जिसने टेंडर लिया वह पैसों की दिक्कत की वजह से समय पर इंतजाम नहीं कर पाया।

अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला

मौके पर खडे़ प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। कुछ अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में एडीसी ही कुछ बता सकते हैं। वहीं एडीसी प्रदीप कुमार ने बताया कि कोई हंगामा नहीं हुआ है और न ही जाम लगाया गया है। जब अधिक संख्या में खिलाड़ी एकत्रित हुए तो एक बार समस्या हो जाती है। बाद में समस्या का समाधान कर दिया गया और खिलाड़ी शांत हो गए। वहीं खिलाड़ियों के भड़काने के मामले पर अधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में कुछ लोग भड़काने वाले भी आ जाते हैं। लेकिन इसका कोई लाभ नहीं होता, खिलाड़ी भी समझदार होते हैं।

एक जन प्रतिनिधि पर खिलाड़ियों को भड़काने का आरोप

समय पर खाना नहीं मिलने और रहने का सही इंतजाम नहीं होने के मामले पर एक जन प्रतिनिधि पर आरोप है कि उसने मौके पर जाकर कुछ खिलाड़ियों को भड़का दिया। हालांकि, वह भी अधिक देर मौके पर नहीं रुके। जैसे ही खिलाड़ियों ने हंगामा करना शुरू किया वे चले गए।
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