बैंकों में 1000 और 500 रुपये के नोट बदलने का सिलसिला बृहस्पतिवार सुबह से शुरू हो गया। सुबह नौ बजे से ही बैंक और डाकघरों के बाहर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बैंकों में अफरा तफरी न हो इसके लिए सुबह से ही पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिए गए। भीड़ को देखते हुए बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों ने बैंक को 9.45 पर खोल दिया और 1000-500 रुपये के नोट को बदलना शुरू कर दिया। वहीं डाकघरों में भी सुबह नौ बजे से पुराने नोटों को बदला जाने लगा। हालांकि राष्ट्रीयकृत बैंकों में नई करेंसी न होने और कुछ प्राइवेट बैंकों में नई करेंसी खत्म होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंकों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले में राष्ट्रीयकृत, निजी और को-ऑपरेटिव बैंकों की 96 शाखाओं से पुरानी करेंसी को बदला और जमा किया गया। बृहस्पतिवार को करीब 50 करोड़ रुपये का लेन देन हुआ।
पुराने नोट बदलने के लिए हर बैंक और डाकघर में 5 से 9 काउंटर बनाए गए। लोगों की भीड़ को देखते हुए बैंक प्रबंधन की ओर से टैंट और कुर्सी की व्यवस्था की गई थी। आलम ये रहा कि बैंकों के अंदर भीड़ के साथ-साथ सड़क पर लोगों की तार की वजह से जाम की स्थिति रही। वहीं पुराने नोटों को बदलवाने के लिए लोगों को दस्तावेज को लेकर परेशानी उठानी पड़ी। आधारकार्ड और पैन कार्ड अपडेट कराने के लिए लोगों को दोबारा मूल दस्तावेज के लिए घर जाना पड़ा।
एसबीआई में लोगों में हुई धक्का-मुक्की
सिविल रोड समीप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में भीड़ को देखते हुए टोकन की व्यवस्था की गई। टोकन के लिए लोगों में झड़प भी हुई। श्याम कॉलोनी निवासी सूरजभान ने बताया कि वे सुबह 10 बजे बैंक पहुंचे और तीन घंटे बाद उन्होंने पैसा जमा कराया। वहीं, उत्तराखंड से रोहतक घूमने आए गुलशन चौहान ने बताया कि वे घर से कैश लेकर आए थे। अब जब पुराने नोट बदलने के लिए आए तो घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा है।
एक हफ्त बाद बैंकों में खुलेंगे नए खाते
अब बैंकों में एक हफ्ते बाद नए खाते खोले जाएंगे। लीड बैंक मैनेजर नरेश बसंल की मानें तो फिलहाल कुछ दिनों के लिए नए खाते नहीं खुलेंगे। वहीं एक प्राइवेट बैंक अधिकारी की मानें तो सात दिन बाद नए खाते खोले जाएंगे। इसके अलावा डाकघर कर्मचारी ने कहा कि सात दिनों तक कॉपियों में कोई पैसे जमा नहीं होंगे। उन्होंने 500-1000 के नोट लेने से भी मना कर दिया।
शाम 6:30 बजे ही कुछ बैंक बंद
आरबीआई के निर्देशानुसार सभी बैंकों में सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक पुराने नोटों का लेन-देना होना था। इसके बावजूद शहर में कुछ बैंक शाम 6:30 बजे ही बंद कर दिए गए। वहीं, कुछ बैंकों में पुरानी करेंसी खत्म होने की वजह से गेट बंद कर दिए गए। मेडिकल मोड़ समीप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्पेशल ब्रांच ने मुख्य गेट शाम 6:30 बजे ही बंद कर दिया। बैंक के बाहर लोग पैसे जमाने कराने के लिए खड़े रहे। दूसरी ओर, डी-पार्क समीप एचडीएफसी बैंक का भी मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इसके अलावा पॉवर हाउस समीप यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में शाम 4 बजे और जाट कॉलेज समीप सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मेें भी शाम 4:30 बजे करेंसी खत्म हो गई। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जाट कॉलेज के बैंक प्रबंधक अनिल ने बताया कि बैंक में पांच काउंटरों पर पुराने नोटों का लेन-देन किया गया। उन्होंने बताया कि करीब 70 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है।
एचडीएफसी में आए नकली नोट, प्रबंधक ने रखें
मॉडल टाउन की एचडीएफसी शाखा में दोपहर 12:30 बजे एक व्यक्ति पुराने नोट जमा कराने पहुंचा। बैंक कर्मचारी द्वारा मशीन से गिनती के समय 500 के दो नोट नकली आ गए। जिसे प्रबंधक ने रख लिया। व्यक्ति ने प्रबंधक से बार-बार कहा कि वह यह नोट उसे दे दें, वह उसे संबंधित व्यक्ति को लौटाकर अपने पैसे वापस लेगा। प्रबंधक ने नकली नोट नहीं दिए। ऐसे में उसे कम राशि ही जमा करानी पड़ी। इसके अलावा पुराने नोट बदलवाने के दौरान जब लोगों को 100 व 50 के फटे हुए नोट दिए गए तो वह बिफर गए। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख बैंक कर्मी ने नोट बदलकर दिए।