रोहतक। पंजाब सरकार की ओर से विधानसभा में पास किए गए प्रस्ताव का कांग्रेस विधायक दल ने विरोध किया है। इसे असांविधानिक करार देते हुए राजनीतिक जुमला बताया गया है। ये बातें सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सामने आई।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पंजाब सरकार के विधानसभा में चंडीगढ़ को लेकर पास किए गए प्रस्ताव पर आपत्ति जताई गई। पूर्व सीएम ने कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी थी, है और रहेगी। प्रदेश के अधिकारों का संरक्षण करने के लिए राज्यपाल से लेकर राष्ट्रपति तक से मुलाकात की जाएगी। पंजाब के साथ हरियाणा के तीन मसलों पर विवाद है। पहला एसवाईएल का पानी, दूसरा हिंदी भाषी क्षेत्र व तीसरा राजधानी। हमारी प्राथमिकता है कि सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक हरियाणा को एसवाईएल का पानी मिले। इसके बाद बाकी मसलों पर भी बातचीत हो। विधायक दल की बैठक में भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में हरियाणा और पंजाब की स्थायी सदस्यता खत्म करने का भी विरोध किया। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पहले सदस्य (पावर) पंजाब से और सदस्य (सिंचाई) हरियाणा से होते थे। संशोधित नियम में यह अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। संशोधित नियमों के मुताबिक अब सदस्य किसी भी राज्य से हो सकते हैं। ऐसा हुआ तो बोर्ड में हरियाणा के हित सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में प्रदेश हित में लाए जाने वाले प्रस्ताव का कांग्रेस पुरजोर समर्थन करेगी। कहीं भी हरियाणा का अहित दिखाई दिया तो उस पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।