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पंचायती चुनाव निपटा राजस्थान के किसानों ने किया दिल्ली का रुख, खापों व आढ़तियों ने भेजी रसद

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Panchayati elections dealt Rajasthan farmers move to Delhi, Khapas and factions sent logistics - फोटो : RohtakCity
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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का रोष बढ़ता ही जा रहा है। इस रोष के साथ दिल्ली सीमा पर किसानों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पंजाब के बाद अब राजस्थान के किसानों ने भी दिल्ली का रुख कर लिया है। पंचायती चुनाव निपटा कर किसान कृषि कानूनों को रद्द कराने जा रहे हैं। बुधवार से दिल्ली कूच करने वाले किसानों की संख्या में बढ़ोतरी आने की संभावना है। यही नहीं, हरियाणा के भिवानी जिले से भी मंगलवार को किसानों का काफिला रोहतक होते हुए दिल्ली सीमा की ओर बढ़ा। खापों व अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन भी किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए दोपहर को कच्ची सब्जी लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंची। इधर, खरावड़ के ग्रामीण दिल्ली हाईवे पर गोशाला के नजदीक शिविर लगाकर आंदोलनकारियों को भोजन-पानी मुहैया करा रहे हैं।
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कच्ची सब्जी लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे आढ़ती
रोहतक अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए उन्हें कच्ची सब्जी के रूप में मदद भेजी है। सब्जी का कैंटर लेकर हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के राज्य उपप्रधान हर्ष गिरधर व रोहतक अनाज मंडी प्रधान डिंपल बुधवार समेत अन्य आढ़ती टीकरी बार्डर पहुंचे। यहां किसानों को सब्जी मुहैया कराने के साथ आंदोलन में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इन्होंने कहा कि कृषि कानून को लेकर किसान आंदोलनरत हैं। हम उनके साथ है। इस आंदोलन में उन्हें हर संभव मदद करेंगे। मंगलवार को विरोध स्वरूप एक दिन की हड़ताल की गई। इसके तहत मंडी कोई खरीद नहीं हुई। यदि किसानों को उनका हक नहीं दिया गया तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है। हड़ताल के चलते दिन भर मंडी में सन्नाटा पसरा रहा। मजदूर सुस्ताते नजर आए। फसल लेकर पहुंचे ट्रैक्टर खड़े रहे। इनसे माल तक नीचे नहीं उतारा गया।
नांदल खाप ने टीकरी बॉर्डर भेजी खाद्य सामग्री
कृषि अध्यादेशों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों को मंगलवार नांदल खाप ने राहत के तौर पर खाद्य सामग्री पहुंचाई। खाप के प्रधान ओमप्रकाश नांदल की अध्यक्षता में खाप प्रतिनिधि सामग्री लेकर दिल्ली सीमा पर पहुंचे। प्रधान ने कहा कि कृषि अध्यादेश पूरी तरह गैरजरूरी हैं। पूंजीपतियों के दबाव में सरकार इन्हें किसानों पर जबरदस्ती थोप रही है। इन कानूनों को रद्द कर सरकार को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करनी चाहिए। इसके अलावा सरकार कानून में यह प्रावधान करें कि कोई भी एजेंसी या व्यक्ति एमएसपी से कम दामों में किसानों से उपज खरीद करता है तो उसे सजा दी जाए। भाव में कोई उतार-चढ़ाव हो तो उसकी भरपाई केंद्र या राज्य सरकार करे। खाप महासचिव डॉ. संजीत नांदल ने कहा कि नांदल खाप का पूर्ण समर्थन किसानों के साथ है। संविधान ने सभी को अपनी आवाज उठाने व आंदोलन चलाने का हक दिया है। किसान भी अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से रखकर अपनी मांगें पूरी कराना चाहते हैं। इस मौके पर सूरत सिंह, सतपाल नांदल, कृष्ण ठेकेदार, धर्मबीर नांदल, सतीश नांदल, बिल्लू नांदल कुताना, जय सिंह, पाले दूधिया, आजाद सिंह मौजूद रहे।
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सांपला से तीन दिसंबर को दिल्ली कूच करेगी हुड्डा खाप
हुड्डा खाप तीन दिसंबर को सांपला से दिल्ली कूच करेगी। हुड्डा खाप के पूर्व प्रधान धर्मपाल हुड्डा व एडवोकेट सतवीर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में एक दल हुड्डा खाप के सभी गांवों के किसानों को जोड़कर किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा। दल ने हुड्डा खाप के चमारिया,खिडवाली, जिंदारान, घुसकानी, सांघी, कटवाड़ा, जसिया, बसंतपुर, ब्रह्मणवास, लाढौत का दौरा कर किसानों को कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया।
टीकरी बॉर्डर पहुंचीं महिला समिति
जनवादी महिला समिति की कार्यकर्ता मंगलवार को टीकरी बॉर्डर पर पहुंची। यहां किसान आंदोलन के समर्थन करते हुए कृषि कानूनों का विरोध किया। समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जगमति सांगवान ने कहा कि किसानों पर कृषि कानून थोपना ज्यादती है। इसका विरोध किया जाएगा। जिला अध्यक्ष राजकुमारी दहिया ने कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी ही नहीं, समाज व महिला विरोधी भी हैं। इन कानूनों का सीधा प्रभाव खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा। इससे पहले से ही भूखे रहने को मजबूर गरीब परिवार राशन डिपो पर मिलने वाले राशन से भी वंचित हो सकते हैं। इस मौके पर शीला, अमिता, रीना, होशियारी, ओमपति मौजूद रही।
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