संवाद न्यूज एजेंंसी
रोहतक। मंडी में धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। फतेहाबाद के मिलर की खरीद क्षमता भी 4,000 क्विंटल बढ़ा दी गई है। उठान की धीमी गति के कारण मंडी में धान का अंबार लगा है। शेड हो या परिसर हर तरफ धान ही धान नजर आ रहा है। मंडी में जगह ने मिलने के कारण किसानों को सड़काें पर ही धान उतारना पड़ रहा है। यही नहीं, बारिश से फसल के बचाव के भी कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पहले हुई बारिश में किसान नुकसान भुगत चुके हैं। धान पर पानी की मार इस कद्र पड़ी थी, वह दोबारा अंकुरित हो गया था। मंडी में शुक्रवार को 4,434 क्विंटल धान की आवक और 14,413 क्विंटल धान की खरीद हुई। अब तक मंडी में 1,31,069 क्विंटल धान की आवक जबकि 98,264 क्विंटल की खरीद और 11,323 क्विंटल की उठान हुई है। अब तक केवल 48,323 क्विंटल धान की ही उठान हुई है।
-
धान को नमी व रंग के आधार पर खरीदने से इन्कार किया जा रहा है। पहले कई दिन में खरीद का नंबर आता है। शेड मेें धान के बैग रखे हैं। ऐसे में बाहर रखा धान भीगने का खतरा है। सरकार को किसान की हालत समझनी चाहिए।
- परमदीप, चरखी दादरी
-
फतेहाबाद मिलर की खरीद क्षमता 4000 क्विंटल बढ़ा दी गई है। उठान जारी है। जल्द ही मंडी से सारे बैग उठा लिए जाएंगे। मंडी परिसर में आढ़ती के बैग की जिम्मेदारी उनकी है। धान को भीगने से बचाने के इंतजाम उनको करने चाहिए, इसलिए ही सरकार उन्हें कमीशन देती है।
- रोहतास दहिया, डीएम, हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन रोहतक
-
जिस आढ़ती की दुकान पर धान बिका है, बारिश से बचाव की जिम्मेदारी उसकी है लेकिन सरकार को भी इसमें आढ़तियों की मदद करनी चाहिए।
- मुकेश, आढ़ती एसोसिएशन प्रधान