फोटो 60 :एचएसआईआईडीसी अधिकारियों के सामने विरोध जताते पार्षद प्रतिनिधि सिकंदर। स्रोत सोशल मीडिय
बहादुरगढ़। रोहतक-दिल्ली रोड स्थित रत्न टाटा सिटी फॉरेस्ट में सोमवार को टैंकरों से इंडस्ट्रियल सीवरेज वेस्ट डाले जाने की सूचना से स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में रोष फैल गया। लोग मौके पर पहुंचे और खुले में वेस्ट डालने का विरोध किया। विरोध बढ़ने पर एचएसआईआईडीसी अधिकारी भी पहुंचे और टैंकरों से वेस्ट डालने का काम रुकवा दिया।
लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र को वन विभाग के सहयोग से करीब दो वर्षों से हजारों पौधे लगाकर विकसित किया जा रहा है। अब यहां हरियाली के साथ मोर और अन्य पक्षियों का बसेरा बन चुका है। पर्यावरण प्रेमी प्रदीप, राजकुमार अरोड़ा और जयपाल सांगवान ने कहा कि खुले में वेस्ट डालने से मिट्टी, पेड़-पौधों, जल स्रोतों और जैव विविधता पर असर पड़ सकता है। दुर्गंध और प्रदूषण से आसपास के लोगों को भी परेशानी होगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि फॉरेस्ट विकसित करने से पहले वन विभाग से एनओसी ली गई थी तो वेस्ट डालने की अनुमति किस आधार पर दी गई। क्षेत्र में ईटीपी बनाने की योजना की भी चर्चा है। लोगों ने इसके लिए वैकल्पिक स्थान चुनने की मांग की। पार्षद प्रतिनिधि सिकंदर ने भी विरोध जताते हुए कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान नहीं होना चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी कि फॉरेस्ट को सीवरेज वेस्ट का ठिकाना नहीं बनने देंगे।
फोटो 60 :एचएसआईआईडीसी अधिकारियों के सामने विरोध जताते पार्षद प्रतिनिधि सिकंदर। स्रोत सोशल मीडिय