सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीएम मनोहर लाल खट्टर के नाम खुला पत्र
जारी करते हुए रेलवे परियोजनाओं से लेकर विकास कार्यों पर निशाना साधा है।
उन्होेंने रोहतक-महम-हांसी रेल परियोजना को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा
कर कई अहम जानकारियां सार्वजनिक की हैं। सीएम के नाम खुले पत्र में
दीपेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार में परियोजना के लिए प्रथम चरण में 143
करोड़ मंजूर हुए।
इसमें से अभी तक सिर्फ साढ़े चार करोड़ रुपये ही खर्च
हुए, वे भी वेतन पर। अब भाजपा सरकार में इस पर एक कदम भी नहीं उठाया गया।
सांसद शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सीएम को जिम्मेदारी के साथ जनता के समक्ष सही तथ्यों को
रखना चाहिए।
जबकि पिछले माह महम में हुई जनसभा में सीएम ने कहा था कि
उन्हें रेल परियोजना की फाइल ढूंढने ले भी नहीं मिली। इसका नतीजा यह है कि
प्रदेश में दस साल में हुए विकास पर अब गतिरोध लग गया है। बता दें कि
विश्वकर्मा जयंती पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने रोहतक- महम-हांसी रेल
परियोजना का जिक्र करते हुए पिछली सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने
कहा था कि उन्हें ऐसी किसी परियोजना की फाइल तक नहीं मिली। इस पर सांसद ने
पलटवार करते हुए शनिवार को सिलसिलेवार परियोजना से जुड़े तमाम तथ्य और
दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए। उन्होंने बताया कि वे 14 अक्टूबर को रेल मंत्री
सुरेश प्रभु से मुलाकात मिले थे। इसके बाद उत्तर रेलवे के जीएम की तरफ से
उन्हें परियोजना के संबंध में तमाम जानकारियों सहित पत्र मिला था।
यहां
सरकार की मंशा पर सवाल उठता है, क्योंकि सरकार ने अभी तक जमीन का अवार्ड तक
घोषित नहीं किया है। सांसद ने झज्जर बाढ़सा में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान
पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी मंजूरी उन्होंने दिलवाई। इस पर 2200 करोड़
रुपये खर्च होंगे, लेकिन परियोजना भी ठंडे बस्ते में है। भाजपा चाहे तो ऐसा
कोई प्रोजेक्ट और ले आए, जिससे समाज को लाभ मिले।
वन रेंक, वन पेंशन पर
सांसद ने कहा कि अधिसूचना में इसकी परिभाषा को ही बदल दिया गया। इससे अब
पांच पेंशन हो जाएंगी। अधिसूचना में पांच साल के दौरान समीक्षा की बात कही
गई, जबकि यूपीए के समय एक साल में समीक्षा हुई थी। इससे जूनियर की पेंशन
सीनियर से अधिक हो जाएगी। सांसद ने धान घोटाले की जांच हाईकोर्ट के सीटिंग
जज से कराने की मांग की है।
उन्होंने तिलयार लेक के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट
का पैसा नहीं मिलने पर भी सवाल उठाया। इस मौके पर प्रो. वीरेंद्र सिंह,
विधायक आनंद सिंह दांगी, विधायक शकुंतला खटक, मेयर रेनू डाबला, अनीता
मिगलानी और पंकज सचदेवा मौजूद रहे।