‘दंगल’ के रियल हीरो की बेटियां पहलवान बबीता और विनेश फौगाट की नजरें
ब्राजील ओलंपिक में गोल्ड मेडल पर हैं। दोनों पहलवानों का कहना है कि पहले
ओलंपिक में गोल्ड लाएंगी, इसके बाद ही शादी के बारे में सोचेंगी। अभी
कुश्ती में उन्हें अपने देश के लिए बहुत कुछ करना है। फिर दूसरी लड़कियों
को भी आगे आने में मदद करेंगी।
शनिवार को रोहतक में एक निजी स्कूल के
कार्यक्रम में पहुंचीं दोनों पहलवानों ने अमर उजाला से खास बातचीत में यह
बात कही। पहलवानों ने आमिर खान के बयान की निंदा भी की। बबीता ने कहा, आमिर
को असहिष्णुता पर इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। हालांकि ये उनका
व्यक्तिगत बयान है।
इस पर मेरा टिप्पणी करना भी ठीक नहीं है। बावजूद इसके
हम उनके बयान से सहमत नहीं हैं। मैं खुद कई बार उनसे मिली हूं। वे हर बार
आम इंसान की तरह हमसे मिले हैं और उन्होंने हमारे संघर्ष को समझा है।
बता
दें कि अंतरराष्ट्रीय पहलवान बबीता और विनेश के पिता महाबीर फौगाट के जीवन
संघर्ष को लेकर आमिर खान ने दंगल मूवी बनाई है। आमिर खान फिल्म में महाबीर
फौगाट की भूमिका में हैं।
प्रो-रेसलिंग नहीं, ब्राजील में गोल्ड अहम
बबीता
और विनेश का कहना है कि 10 दिसंबर से दिल्ली में शुरू होने वाली प्रो
रेसलिंग में हम पांचों बहनें अलग-अलग टीम में आमने-सामने होंगी। ये काफी
दिलचस्प होगा। फिलहाल हमारी नजर 2016 में ब्राजील में होने वाले ओलंपिक में
गोल्ड पर है।
प्रो-रेसलिंग में 11 में से 5 लड़कियां बलाली की
विनेश
फौगाट ने बताया कि प्रो रेसलिंग लीग में 11 लड़कियां भारत की हैं। इसमें
से 5 पहलवान तो अकेले भिवानी जिले के गांव बलाली के फौगाट परिवार की हैं।
विनेश दिल्ली टीम की ओर से लड़ेंगी। जबकि गीता पंजाब, बबीता यूपी और रितू
महाराष्ट्र की टीम से खेलेंगी।
आमिर बेहद सरल स्वभाव के
पहलवान
बबीता ने कहा कि दंगल मूवी से लड़कियों की कुश्ती को प्रोत्साहन मिलेगा। वे
इस फिल्म के लिए आमिर खान से चार बार मुंबई में उनके घर पर मिली हैं। आमिर
बेहद सरल स्वभाव के इंसान हैं।
फिल्म में दिखाया जाएगा कि बेटियों को आगे
बढ़ाने के लिए एक पिता ने किस तरह अपने ही घर और समाज के लोगों के साथ
संघर्ष किया? बेटियों को काबिल बनाने के लिए घर में ही अखाड़ा खोला और
प्रशिक्षण देना शुरू किया।