फोटो-25सीटीके18 पीजीआई की मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च यूनिट शोध वर्कशाल का शुभांरभ करते हुए कुलपति
रोहतक। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च यूनिट में मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें चिकित्सक शोधकर्ताओं को नई विधियों के प्रति जागरूक किया। कार्यशाला में मुख्यअतिथि के तौर पर पीजीआई कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल शामिल हुए।
चिकित्सकों व विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को कार्यशाला में शोध की नई विधियों के बारे में सीखने को मिलेगा। निदेशक डाॅ. एसके सिंघल ने कहा कि किसी भी विषय पर शोध करने से पहले हमें उसका उद्देश्य पता होना चाहिए। हमें अपनी रिसर्च तय सीमा में पूरी करनी चाहिए। डीन एकेडमिक अफेयर्स डाॅ. ध्रुव चौधरी ने कहा कि सरकार की ओर से यूजी से लेकर पीजी तक के विद्यार्थियाें के लिए शोध योजना चलाकर बजट उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीजीआईएमएस और आईसीएमआर रिसर्च के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।
डाॅ. संजय कुमार कहा कि हमें चिकित्सा जगत में नए विषयों पर शोध करनी चाहिए। डाॅ. पंकज सेठ ने बताया कि एएनआरएफ की ओर से बजट प्रदान किया जा रहा हैं। जेसी बाॅस ग्रांट के तहत शोध के लिए 25 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। डाॅ. संजय ने बताया कि कार्यशाला में करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान हरियाणा मेडिकल काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट डाॅ. पंकज मुटनेजा, डीन डाॅ. कुलदीप लालर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, प्राचार्य डाॅ. संजय तिवारी, डाॅ. हिमांशु, डाॅ. पंकज सेठ, डाॅ. आशु ग्रोवर, डाॅ. तन्नू आनंद, डाॅ. रिची वी महाजन व डाॅ. दीपिका आदि मौजूद रहे।