संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन नगेंद्र सिंह कादियान ने मोबाइल फोन को दो बार मरम्मत करने के बाद भी सही तरीके से ठीक न करने पर कंपनी को इसकी पूरी राशि 44,999 रुपये मालिक को लाैटाने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता समर गोपालपुर निवासी कृष घनघस ने आयोग में बताया कि उन्होंने 3 अक्तूबर 2023 को 44,999 रुपये में मोबाइल फोन खरीदा था।
मोबाइल फोन की एक वर्ष की वारंटी थी। कुछ समय बाद ही फोन हैंग होने और अधिक गर्म होने की समस्या आने लगी। शिकायतकर्ता ने दो बार अधिकृत सर्विस सेंटर पर फोन की मरम्मत कराई लेकिन हर बार वही समस्या सामने आ गई। आरोप है कि वारंटी अवधि के दौरान भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
कंपनी की ओर से आयोग में कहा गया कि जांच के दौरान फोन में कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली। वहीं, विक्रेता और सर्विस सेंटर आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए जिसके चलते उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई।
आयोग ने रिकॉर्ड पर मौजूद जॉब शीट और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता ने बार-बार मोबाइल फोन हैंग होने और गर्म होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को शिकायतकर्ता को फोन की कीमत 44,999 रुपये लाैटाने 5,000 रुपये मुआवजा और 5,000 रुपये केस का खर्च देने का आदेश दिया। यह राशि निर्णय की तारीख से 45 दिनों के भीतर अदा करनी होगी।
निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर कंपनी को मोबाइल की कीमत पर आदेश की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। भुगतान के समय शिकायतकर्ता को विवादित मोबाइल कंपनी को वापस सौंपना होगा।