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चार मार्च से लगेंगे खुले दरबार, 100 फीसदी होगा बिजली बिलों की गड़बड़ी की शिकायत का निपटारा

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बिजली निगम अंग्रेजी शासनकाल की इसी इमारत को संरक्षित करेगा।
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रोहतक। जिले के 294655 बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। गलत जारी हुए बिल को सही कराने के अब उपभोक्ताओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। हर वीरवार एसडीओ दफ्तर में खुला दरबार लगेगा, पहला दरबार चार मार्च को लगाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। यूएचबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दरबार में आने वाली बिल की शिकायतों का हाथोंहाथ समाधान करना होगा। यदि कोई जांच की जरूरत है, तो तुरंत टीम भेजकर निदान कराएं। दरबार में आने वाली शतप्रतिशत शिकायतों का निपटारा करना होगा।
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प्रबंध निदेशक शशांक आनंद ने बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली के बिल गलत आने की आ रही हैं। बिल को सही कराने के लिए उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं की परेशानी को ध्यान में रखते हुए खुला दरबार हर वीरवार को लगाने के आदेश दिए गए हैं। अधीक्षक अभियंता ऑपरेशन को निर्देश दिए हैं कि खुला दरबार के दिन कोई भी एसडीओ न बैठक में शामिल होगा और न कोई अन्य कार्य में व्यस्त होगा। हर हाल में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक जनता दरबार में शिकायतों का समाधान करना ही होगा। कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहना चाहिए। यदि मीटर आदि की चेकिंग की जरूरत होगी तो एसडीओ तुरंत टीम को भेजकर रिपोर्ट लेंगे। प्रबंध निदेशक ने बताया कि आदेश कर दिए हैं कि अधीक्षक अभियंता और अधिशासी अभियंता खुला दरबार के समय लगातार भ्रमणशील रहकर निरीक्षण करेंगे। किस एसडीओ के खुला दरबार में कितनी शिकायतें आईं, उसका पूरा डाटा बनाकर भेजा जाएगा। वहीं अधीक्षणअभियंता सुरेश कुमार बंसल ने बताया कि पहला खुला दरबार वीरवार चार मार्च को एसडीओ दफ्तरों में लगेगा। इसके बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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अंग्रेजी हुकू मत के समय की इमारत संरक्षित होगी
रोहतक। अंग्रेजी हुकूमत में बिजली का उत्पादन करके रोहतक व हिसार को रोशन करने वाली इमारत को अब बिजली निगम संरक्षित करेगा। यह आदेश यूएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक शशांक आनंद ने शनिवार रात निरीक्षण के बाद मीटर विभाग के अधिशासी अभियंता को दिए। प्रबंध निदेशक मीटर लैब का निरीक्षण करके बाहर निकले तो यह इमारत दिखी तो अधिकारियों ने इसके बारे में बताया कि यह करीब 74-75 साल पुरानी अंग्रेजी हुकूमत के समय की है। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रधान बृजेंद्र बैनीबाल और अधिशासी अभियंता ने बताया कि अंग्रेजी हुकूमत के समय यहां जनरेटर से डीसी (डायरेक्ट करेंट) बिजली को एसी (अल्टरनेटिव करेंट) में बदलकर रोहतक और हिसार में बिजली सप्लाई की जाती थी। यहां से ही हाईटेंशन लाइन निकलती थी, जो पूरे रोहतक व हिसार को रोशन करती थी। आजादी के बाद इसमें मीटर विभाग शिफ्ट कर दिया गया। प्रबंध निदेशक ने बिजली निगम के इतिहास से जुड़ा होने के कारण इस इमारत को संरक्षित करने के निर्देश अधिशासी अभियंता एसजी वत्स को दिए।
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पुराना आईटीआई बिजली कॉलोनी में बनेगा पार्क
पुरानी आईटीआई स्थित बिजली निगम कॉलोनी में करीब पांच एकड़ जमीन पर पार्क बनेगा। हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड (एचएसईबी) वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रधान बृजेंद्र बैनीवाल की मांग पर यूएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक शशांक आनंद आदेश कर दिए हैं। अधीक्षक अभियंता का कहना है कि जल्द ही पार्क बनाने का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा जाएगा। यहां छह साल पहले नए क्वार्टर बने तो जर्जर क्वार्टरों को जमींदोज कर दिया गया। तब से यह जमीन खाली पड़ी थी। निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक अधिकारियों के साथ जमीन देखने पहुंचे। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को खाली जगह पर पार्क बनाने के आदेश देते हुए एस्टीमेट भेजने को कहा। अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार बंसल ने बताया कि जल्द ही कॉलोनी में खाली पड़ी जमीन पर पार्क बनाने का एस्टीमेट बनाकर भेज दिया जाएगा।
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