रोहतक पीजीआई में बॉन्ड पॉलिसी का विरोध।
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रोहतक पीजीआई में बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में एमबीबीएस विद्यार्थियों का धरना-प्रदर्शन बुधवार को 23वें दिन भी जारी रहा, वहीं शाम को विद्यार्थियों व आरडीए ने बैठक के बाद बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में 24 नवंबर, गुरुवार से ओपीडी, वार्ड व इलेक्टिव ओटी की सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया।
साथ ही 48 घंटे में सुनवाई नहीं होने पर आपात सेवाएं भी रोक देने की चेतावनी दी है। इससे पहले, ओपीडी में आरडीए (रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन) ने विद्यार्थियों के समर्थन में दोपहर 12 बजे बाद पेन डाउन हड़ताल करते हुए मरीज नहीं जांचे, जिससे उनको काफी परेशानी हुई।
बुधवार को ओपीडी में दोपहर 12 बजे तक व्यवस्था सुचारु रही। इसके बाद आरडीए ने पेन डाउन हड़ताल करते हुए काम बंद कर दिया। ज्यादातर मरीजों को बगैर इलाज की घर लौटना पड़ा। यहां हड़ताल के दौरान एमबीबीएस विद्यार्थियों को लगातार दूसरे दिन भी ओपीडी में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस कारण विद्यार्थी बाहर ही पोस्टर लेकर लोगों को बॉन्ड पॉलिसी व अपनी हड़ताल की जानकारी देते नजर आए।
हड़ताल के कारण आरडीए डॉक्टरों के जाने के बाद वरिष्ठ चिकित्सकों ने ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को परामर्श दिया। मरीजों की जांच व अन्य काम नहीं हो पाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंचकूला गए विद्यार्थियों के दल की अधिकारियों से हुई बातचीत में राहत नहीं मिली, जिस कारण यह फैसला लिया गया।
बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में बुधवार को दोपहर 12 बजे बाद हड़ताल की गई। सरकार विद्यार्थियों की सुनवाई नहीं कर रही है। इसलिए वीरवार से अनिश्चितकाल के लिए ओपीडी, वार्ड व इलेक्टिव ओटी की सेवाएं बाधित रहेंगी। सरकार ने 48 घंटे में समाधान नहीं किया तो आपातकालीन सेवाएं भी ठप कर दी जाएंगी।
-डॉ. अंकित गुलिया, अध्यक्ष, आरडीए।