हत्या केएक मामले में दोषी करार व्यक्ति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दो लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। हत्या के इस मामले की सुनवाई सात वर्ष तक चली। तीन दिन पहले ही अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत ने यह सजा सुनाई।
अदालत में चले मामले के अनुसार बहुअकबरपुर निवासी अजीत 2008 में अपने घर से अचानक लापता हो गया था। कुछ दिनों बाद 20 अक्टूबर को अजीत के परिजनों को सूचना मिली थी कि अजीत का शव राजस्थान के झूंझूनूं में मिला है। शिनाख्त होने के बाद 21 अक्टूबर 2008 को अजीत के परिजन ने सदर थाने में हत्या की आशंका का केस दर्ज कराया था।
शिकायत में शक गांव के ही जिनेंद्र उर्फ बबला पर जताया गया था। शक का आधार यह था कि अजीत ने अपनी पत्नी को फोन पर बताया था कि वह जिनेंद्र के साथ है। इसके बाद उसका फोन भी बंद हो गया था और कोई सूचना नहीं मिल रही थी। शक के आधार पर पुलिस ने जिनेंद्र को हिरासत में लिया, तब उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया था और अपने गुनाह को कबूल भी कर लिया था।
दोस्त की मदद से की हत्या
पूछताछ में जिनेंद्र ने कबूल किया था कि उसने अपने दोस्त जयदीप के साथ मिलकर अजीत की हत्या की है। यह वारदात 17 अक्टूबर को ही अंजाम दे दी गई थी। हत्या से पहले अजीत को जमकर शराब पिलाई थी और फिर उसे गोली मार दी थी।
अलग अलग सजा, अलग अलग जुर्माना
अदालत ने जिनेंद्र को अलग-अलग आरोपों में दोषी मानकर अलग-अलग सजा के साथ अलग-अलग जुर्माना लगाया है। हत्या के लिए 302 के तहत उम्रकैद और दो लाख रुपए का जुर्माने की सजा दी गई है। जबकि धारा 364 के तहत सात साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।
इसी तरह धारा 201 के तहत तीन साल कैद और दस हजार का जुर्माना और आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा दी गई है। हत्या केदोषी को जुर्माने अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी के भी आदेश अदालत ने दिए हैं। जयदीप फरार है।