कोरोना वायरस के संक्रमण रोकने को किए लॉकडाउन के बीच गन्ना किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। प्रशासन ने रोहतक चीनी मिल का एक लाख क्विंटल गन्ना महम मिल शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। ताकि किसान जल्द फ्री हो जाएं और दोनों मिलें एक साथ बंद हों।
जानकारी के मुताबिक रोहतक चीनी मिल के पास इस सीजन में अभी करीब आठ लाख टन गन्ना बचा है। इसकी पेराई में लगभग 24 दिन लगेंगे। यानी पेराई मई की शुरुआत तक चलेगी। जबकि, महम चीनी मिल के पास उसके कोटे का करीब डेढ़ लाख टन गन्ना पड़ा था। रोहतक मिल की तुलना में महम मिल की क्षमता कम है। इसके बावजूद वहां पेराई सीजन बहुत जल्द खत्म होने वाला था। किसान संगठन मांग कर रहे थे कि रोहतक का कुछ गन्ना वहां शिफ्ट कर दिया जाए। पर इसी बीच महम मिल में पानीपत से तीन लाख क्विंटल गन्ना एलोकेट कर दिया गया। वहीं अपना और पानीपत का गन्ना मिलाकर भी महम मिल में पेराई का काम 23 अप्रैल तक निपटने की उम्मीद है। जबकि, रोहतक मिल में पेराई उसके एक हफ्ते बाद तक चलती रहेगी। इसे देखते हुए प्रशासन ने रोहतक मिल का एक लाख क्विंटल गन्ना महम शिफ्ट करने का फैसला लिया है। डीसी आरएस वर्मा ने इस संबंध में शुगरफेड और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से खुद बात की है। इसके बाद रोहतक का कुछ गन्ना महम शिफ्ट किया जाएगा। इससे रोहतक के किसान समय से पहले फ्री हो जाएंगे। डीसी ने कहा कि रोहतक मिल का एक लाख क्विंटल गन्ना महम मिल को भेजा जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की दोनों मिलें एक साथ ही बंद हों।
गर्मी बढ़ी तो टूट सकती है सोशल डिस्टेंसिंग
किसान सभा के प्रधान प्रीत सिंह ने कहा कि उन्होंने डीसी आरएस वर्मा से मांग की थी कि रोहतक का जितना संभव हो, उतना गन्ना महम शिफ्ट कर दिया जाए। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए भी यह आवश्यक है। अभी तक तो उन्होंने और मिल प्रबंधकों ने अपील कर किसानों को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए राजी कर लिया था। मिल में रेस्ट हाउस और कैंटीन बंद कर दी गई थी। सामाजिक हुक्का और ताश बिल्कुल बंद हो गए थे। लेकिन गर्मी बढ़ी तो किसानों को मजबूरन रेस्ट हाउस में रहना पड़ेगा। इससे सोशल डिस्टेंसिंग खत्म हो जाएगी।