लॉकडाउन के कारण देशभर में काम धंधे बंद हो चुके हैं। घर से बाहर निकल नहीं सकते। भूखे भी कब तक जीएंगे। घर में आटा है न दाल। बच्चे रोटी के लिए रोते हैं तो खुद रोना आ जाता है। मदद के लिए फोन करते हैं तो राशन या खाना देने वाले धमकाते हैं। कहते हैं दोबारा फोन मत करना। प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हैं तो फोन की घंटी बजती रहती है। करीब आठ दिन से काफी मन्नतें करने पर बुधवार को कुछ राशन मिला है। परिवार के पांच सदस्यों का पांच-छह दिन का गुजारा चल जाएगा। यह दर्द है प्रवेश नगर व राजेंद्र नगर के प्रवासी मजदूरों का। अमर उजाला ने प्रशासन के राशन वितरण के दावे का सच जानने के लिए पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
हम बिहार के रहने वाले हैं। यहां बच्चों समेत 20 लोग हैं। मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। लॉकडाउन के कारण काम बंद है। इसलिए रोजी-रोटी की दिक्कत बन आई है। राशन देने वाले सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं। एक बार खाना दे भी दिया तो दूसरी बार के लिए मना कर देते हैं।
- उमेश शाह, राजेंद्र नगर।
लॉकडाउन शुरू हुआ तो हम 20 लोगों को 25 किलो आटा व चावल मिला था। वह कब का खत्म हो चुका है। यह राशन भी पड़ोस के लोगों ने जुटाया था। इसके बाद से कोई मदद नहीं मिली है। संस्था से खाना मंगवाया तो उन्होंने दो दिन तो खाना दिया। इसके बाद इनकार कर दिया।
- सूरज गिरी, राजेंद्र नगर।
महामारी के कारण सब चले गए। पैदल घर जाने वाले भी रास्ते में ही रुके हैं। हम यहीं रह कर भूख से लड़ रहे हैं। घरों में रखा आटा-दाल खा लिया। अब भूख हमें खा रही है। आटा मिला भी तो पकाने के लिए गैस-चूल्हा भी नहीं है। जब काम मिलेगा तो चार पैसे आएंगे, फिर गैस मिलेगी और खाना भी।
- विनोद अहरवाल, राजेंद्र नगर।
घर का आटे, तेल व दाल का डिब्बा खाली हो चुका था। पिछले आठ दिनों से मदद की आस थी। लॉकडाउन के बाद इलाके के लोगों ने 24 मार्च को सूख राशन मुहैया कराया था। वह एक सप्ताह में खत्म हो गया। इसके बाद बुधवार को पांच किलो आटा, एक किलो दाल, तेल व अन्य सामान मिला है।
-रवि, राजेंद्र नगर।
राशन की मांग को लेकर शुरू में कंट्रोल रूम में काफी कॉल आई। इनकी पड़ताल करने पर काफी फर्जी मिलीं। इसलिए वेरिफिकेशन सख्त की गई है। इसके चलते शायद राशन पहुंचाने में कुछ देरी हुई है। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर जांच की जाती है। इसके बाद राशन वितरित किया जाता है। आगे भी नियमित राशन मिलता रहेगा।
- गुलाब सिंह, तहसीदार एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट।
रोहतक। राशन नहीं मिलने से आहत राजेंद्र नगर में रहने वाले प्रवासी मजदूर।- फोटो : RohtakCity
रोहतक। प्रशासन की ओर से दोपहर को मुहैया कराया राशन दिखाते राजेंद्र नगर के रवि व निशा।- फोटो : RohtakCity
रोहतक। राजेंद्र नगर में आज सुबह घर के खाली बर्तन दिखाती रवि की पत्नी निशा।- फोटो : RohtakCity