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Rohtak News: करवाचौथ पर सुहागिनों ने छलनी से निहारा अपना चांद

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17 करवा चौथ पर्व के अवसर पर सेक्टर एक में कहानी सुनती महिलाएं। स्रोत : सेक्टरवासी
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रोहतक। करवाचौथ पर सुहागिनों ने करवा माता की कथा सुनी व पूजा अर्चना की। सोलह शृंगार कर पति की लंबी आयु के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखा व रात को चांद को देखकर व्रत खोला। संकट मोचन मंदिर में सुहागिनों ने करवा की पूजा कर पति की दीर्घायु की कामना की।
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साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि हिंदू परंपरा के अनुसार विवाहित महिलाओं के लिए यह पर्व महत्वपूर्ण है। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में करवा चौथ पर्व सुहागिनों ने भगवान शिव, मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, चंद्रमा व चतुर्थी माता की पूजा-अर्चना कर श्रद्धा व भक्ति से मनाया। सुहागिनें मंदिर में सिंदूर, शृंगार का सामान, जल व दूध का लोटा, फल, मिट्टी या आटे का दीया, छलनी, नारियल, मिट्टी का करवा और करवा कथा की पुस्तक लेकर पहुंचीं। साध्वी मानेश्वरी देवी ने भक्तों को करवा चौथ की कथा सुनाई।



राजस्थान के कुंदन कड़े महिलाओं की पहली पसंद
रोहतक। करवाचौथ के दिन महिलाओं ने खूब खरीदारी की। इसके चलते बाजारों में रौनक बनी रही। राजस्थान के कुंदन कड़े महिलाओं की पहली पसंद रहे। कांच की चूड़ियां, साड़ी, सूट, सरार-सूट, लहंगे की भी खरीदारी की। इसके चलते बाजारों में रौनक बनी रही। कांच की चूड़ियां, साड़ी, सूट, सरार-सूट, लहंगे की भी खरीदारी की।
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चूड़ी विक्रेता सीनू ने बताया कि इस बार 1500 कांच की चूड़ियों के डिब्बे बिके हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक है। कुंदन कड़ों के 60 डिब्बे बिके। इनकी कीमत 500 रुपये प्रति डिब्बा रही। पिछले साल मात्र 15 डिब्बे बिके थे।
भले ही बाजार में ब्राइडल व रजवाड़ा डिजाइनर चूड़े भी ट्रेंड में रहे लेकिन पारंपरिक कांच की चूड़ियों ने अपना अलग ही जलवा बनाए रखा। लाल, हरे और सुनहरे रंगों की चूड़ियां महिलाओं की पसंद बनी रही।
त्योहार की तैयारी के बीच महिलाएं साड़ी, सूट, लहंगा, सरारा-सूट और वेलवेट चूड़ियों की खरीद में व्यस्त रहीं। शहर के किला रोड बाजार, गांधी कैंप बाजार में करवाचौथ की सजावट और खरीदारों की भीड़ से त्योहारी माहौल गरमाया रहा।

17 करवा चौथ पर्व के अवसर पर सेक्टर एक में कहानी सुनती महिलाएं। स्रोत : सेक्टरवासी

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