रोहतक। ओमैक्स सिटी की निरीक्षण रिपोर्ट उपायुक्त तक पहुंचने में अभी तीन दिन और लगने की संभावना है। पब्लिक हेल्थ ने सैंपल लेकर पानी की भी जांच नहीं की है। सिटी मजिस्ट्रेट महेश कुमार का कहना है कि सभी की रिपोर्ट आने के बाद कंपाइल रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त को सौंपी जाएगी जिसमें समय तो लगेगा। उपायुक्त ने टीम गठित करते समय तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। वहीं, सोमवार 16 दिसंबर को नगर निगम और टाउन ऐंड कंट्री प्लान के एसटीपी अपनी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपेंगे।
ओमैक्स सिटी में करीब 600 लोगों ने लाखों रुपये में घर खरीदा था। कंपनी ने भरोसा दिया था कि कॉलोनी के अंदर जीवन उपयोगी सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। कालोनी के लोगों का आरोप है कि कंपनी ने जिन सुविधाओं का वायदा किया उनमें से अधिकांश को पूरा नहीं किया है। यही नहीं, बिजली, पानी, सड़क व गंदगी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। सीवरेज का समुचित रूप से निस्तारण नहीं हो रहा है। सीवरेंज को कालोनी के चारों तरफ खुले में बहाया जा रहा है जिसकी वजह से दुर्गंध में सांस लेना दूभर हो रहा है। इन शिकायतों पर उपायुक्त ने सिटी मजिस्ट्रेट महेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की जिसमें नगर निगम से एसटीपी केके वार्ष्णेय व एसटीपी टाउन ऐंड कंट्री प्लान नरेंद्र सोलंकी को शामिल किया। टीम को निर्देश दिए गए कि वह तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपे ताकि संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
टीम ने बुधवार को कालोनी का निरीक्षण किया था और उपायुक्त के निर्देशानुसार शनिवार तक रिपोर्ट सौंपी जानी थी। मगर अभी तक न तो नगर निगम और न टाउन ऐंड कंट्री प्लान के एसटीपी ने अपनी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी है। निगम के एसटीपी केके वार्ष्णेय और टाउन ऐंड कंट्री प्लान एसटीपी नरेंद्र सोलंकी का कहना है कि वह अपनी रिपोर्ट सोमवार को सौंपेंगे। जबकि अभी तक पब्लिक हेल्थ विभाग ने कालोनी से पानी का सैंपल जांच के लिए नहीं लिया है। एक्सईएन भानु प्रकाश का कहना है कि कल उनकी टीम कॉलोनी से पानी के सैंपल लेकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।