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Rohtak PGIMS: डॉक्टर पर नर्सिंग ऑफिसर ने लगाया दुष्कर्म और जाति सूचक शब्दों के प्रयोग करने का आरोप, केस दर्ज

Tue, 05 Nov 2024 03:16 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)

सार

पुलिस के आलाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दुष्कर्म एवं एससी एसटी एक्ट समेत अन्य कई धाराओं में किस दर्ज कर लिया है।गौरतलब है कि दो महीने पहले सीनियर डॉक्टर ने जूनियर छात्र के साथ भी बदसलों को की थी।
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रोहतक पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रोहतक पीजीआईएमएस एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। इस बार भी एक डॉक्टर ने ही पेशे की मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। डॉक्टर पर आरोप है कि उसने नर्सिंग ऑफिसर के साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया। बल्कि उसे लगातार कई माह से ब्लैकमेल कर रहा है। अब पीड़िता ने और अश्लील फोटो वीडियो को वायरल करने की धमकी देने, मारपीट व अन्य धारा में केस दर्ज कराया है। पीजीआईएमएस थाना पुलिस ने दुष्कर्म और एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस के मुताबिक बहादुरगढ़ निवासी एक डॉक्टर पीजीआईएमएस में कार्यरत है। डॉक्टर पर आरोप है कि उसने पीजीआईएमएस की नर्सिंग ऑफिसर के साथ चाय पी और उसे चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेसुध  कर लिया। उसके साथ अश्लील फोटो व वीडियो बना ली। इनको वायरल करने की धमकी देते हुए आरोपी ने जबरन एक दिन अपने कमरे पर बुलाया और वहां पर उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाएं।

इस घटना के बावजूद भी आरोपी लगातार पीड़िता को अश्लील फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए फिर से संबंध स्थापित करने के लिए दबाव बन रहा था। इस बार पीड़िता अपने भाई के साथ उनकी स्वीट फोटो और वीडियो को डिलीट करने के लिए उसके घर पहुंची तो आरोपी ने मारपीट करते हुए गाली-गलौज कर दी और जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। पीड़िता की शिकायत पर पीजीआई में थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के आलाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दुष्कर्म एवं एससी एसटी एक्ट समेत अन्य कई धाराओं में किस दर्ज कर लिया है।गौरतलब है कि दो महीने पहले सीनियर डॉक्टर ने जूनियर छात्र के साथ भी बदसलों को की थी और उसका अपहरण कर जबरन शादी करने का दबाव बना रहा था और उसे बुरी तरह से प्रताड़ित कर 16 घंटे से अधिक तक उसे बंधक बनाए रखा था। हालांकि उक्त मामले में आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार हुआ था और उस पर पीजीआइएमएस पीजीएमएस की ओर से भी प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी। लेकिन इन दोनों ही घटनाओं से पीजीआई में संस्था को बदनाम होना पड़ा है और इसे लगातार पीजीआई में चर्चाओं में बना हुआ है।

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