29सीटीके14..कुरुक्षेत्र यमुनानगर से रोडवेज डिपो में पहुंची नई बसें। संवाद
रोहतक। रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने बताया दिल्ली में 10 साल पुरानी बस लेकर जाने का प्रावधान नहीं है। यह प्रदूषण फैलने का कारण बनती है। इसलिए बीएस 4 की बसों का दिल्ली में प्रवेश निषेध है। दिल्ली में सिर्फ बीएस 6 की बसें ही प्रवेश कर सकती है।
प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए यह एनजीटी की गाइडलाइन भी है। इसलिए विभाग ने रोहतक से 53 बीएस 4 की बसें कुरुक्षेत्र और यमुनानगर भेज दी हैं, और वहां से 53 बीएस 6 की बसें रोहतक डिपो में मंगवाई है। इससे पहले विभाग को दिल्ली बसें भेजने से पहले सोचना पड़ता था, लेकिन अब दिल्ली जाने वाली बसों में इजाफा हो गया है। पहले दिल्ली के लिए सिर्फ 35 बसें ही चलती थी। अब बीएस 6 बसें आने से यात्रियों को इसमें सोचने की आवश्यकता नहीं है। यात्री ज्यादा होने के कारण यात्रियों को बसों में सीट नहीं मिल पाती थी। लेकिन अभी अगर दिल्ली जाने वाले यात्रियों की भीड़ ज्यादा हो जाती है ताे विभाग इन बसों को दिल्ली भेज सकता है।
अन्य रूटों पर भी इन बसों को दौड़ाया जाएगा। क्योंकि न्यू बस स्टैंड से रोजाना 40 हजार से ज्यादा यात्रियों का आवागमन होता है। रोहतक में चार विश्वविद्यालय और दस से ज्यादा कॉलेज होने के कारण बसों में छात्राओं की संख्या भी ज्यादा रहती है। कुछ बसें ग्रामीण रूटों पर लगाने के कारण भी रूटों पर बसें कम चल रही थी। लेकिन कुछ बसों को अभी रूट नहीं दिए गए है। जल्द ही उन्हें अलग-अलग रूटों पर दौड़ाया जाएगा। ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
वर्जन
एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार एनसीआर में बीएस 4 गाड़ी नहीं भेज पाते थे। लेकिन अभी बीएस 6 की बसें आने से ऐसी समस्या नहीं होगी। इन बसों के आने से सबसे ज्यादा सुविधा दिल्ली जाने वाले यात्रियों को मिलेगी।
सुरेंद्र सिवाच, वर्कशॉप मैनेजर, रोडवेज डिपो