रोहतक। एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण की जद में मकान-दुकान आने पर न्यू चिन्योट कॉलोनी के 33 लोगों को विस्थापित करने का मामला फिर फंस गया है। पीजीआई प्रशासन पार्क की रजिस्ट्री करने पर अड़ा है, जबकि निगम पार्क के बिना रजिस्ट्री मांग रहा है। संयुक्त आयुक्त का कहना है कि जल्द ही पीजीआई डायरेक्टर के साथ बैठक करके फैसला लिया जाएगा। वहीं, वार्ड पार्षद का कहना है कि यदि मामला नहीं सुलझा तो वह सीधे पीड़ितों की फरियाद शासन तक पहुंचाएंगे।
पार्षद श्याम ढल ने बताया कि एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के रास्ते में आ रही गांधी कैंप की 56 दुकानों और न्यू चिन्योट कॉलोनी की 33 दुकान-मकानों को अप्रैल-मई 2019 में तोड़ा गया था। विरोध पर दुकानदारों को राजीव गांधी विद्युत सदन और दुकान-मकान मालिकों को नजदीक में पीजीआई की जमीन पर विस्थापित करने का आश्वासन दिया गया। अब विस्थापित करने का मामला उलझता जा रहा है। 33 दुकान-परिवार को विस्थापित करने के लिए पीजीआई ने 7 हजार वर्ग गज जमीन की रजिस्ट्री करने की सहमति दे दी है, जिसमें 1740 वर्ग गज का पार्क भी बना हुआ है।
निगम प्रशासन का कहना है कि पार्क की रजिस्ट्री नहीं कराई जाएगी, क्योंकि यह पब्लिक यूटीलिटी की है। पीजीआई सिर्फ निर्माण के लिए 5260 वर्ग गज जमीन की रजिस्ट्री ही करे। दोनों अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं, जिससे मामला फंसता जा रहा है।
निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार का कहना है कि वह जल्द ही पीजीआई डायरेक्टर के साथ बैठक करके समस्या का निदान कराने का प्रयास करेंगे। वहीं, वार्ड पार्षद श्याम ढल का कहना है कि यदि जल्द समस्या का निदान नहीं हुआ तो वह पीड़ितों की समस्या शासन तक पहुंचाएंगे।