दिल्ली के ‘निर्भया कांड’ को स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल
आर्ट्स के छात्र बड़े पर्दे पर उतारकर दर्द बयां करेंगे। बॉलीवुड फिल्म
‘वन्स अपॉन ए टाइम इन दिल्ली’ में यूनिवर्सिटी के पांच छात्र महत्वपूर्ण
भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म के माध्यम दर्शाया जाएगा कि किस तरह निर्भया के
दरिंदों को बचाने के लिए कानूनी दांव-पेंच खेले गए।
यूं तो स्टेट
यूनिवर्सिटी अधिकतर समय विवादों में रहती है, लेकिन इस बार यहां के छात्र
नकारात्मक भूमिका में रहकर लोगों को एक संदेश देंगे। बॉलीवुड डायरेक्टर
आर.के. खन्ना की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन दिल्ली’ में यूनिवर्सिटी के
एक्टिंग डिपार्टमेंट के छात्र राज चौहान और शमशेर उर्फ सैम असिस्टेंट
डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे फिल्म में नकारात्मक
भूमिका भी निभा रहे हैं।
दादरी निवासी छात्र अभिमन्यु निर्भया का केस लड़
रहे वकील के असिस्टेंट के तौर पर फिल्म में काम कर रहा है। इनके अलावा दो
अन्य छात्रों में सुरेंद्र डांस टीचर बना है तो महेंद्रगढ़ निवासी हरिओम भी
आरोपी की भूमिका में है। फिल्म की लगभग 60 फीसदी शूटिंग पूरी हो चुकी है।
उम्मीद है कि 2016 के आखिर तक फिल्म रिलीज हो जाए। फिल्म को लेकर सभी
उत्साहित हैं।
कुछ ऐसी है फिल्म की कहानी
असिस्टेंट डायरेक्टर और
रेपिस्ट की भूमिका निभाने वाले राज का कहना है कि फिल्म 16 दिसंबर 2012 को
हुए दिल्ली के निर्भया कांड पर आधारित है। इसमें दर्शाया गया किस तरह
निर्भया के दरिंदों को बचाने के लिए कानूनी दांव-पेंच आजमाए जाते हैं।
फिल्म का मकसद यह है कि चंद रुपयों की खातिर आरोपियों को बचाने के लिए किस
हद तक तानाबाना बुना जाता है। फिल्म की पूरी कहानी निर्भया के अधिवक्ता के
इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि फिल्म में नाबालिग आरोपी के मुद्दे को नहीं
लिया गया है।