प्रदेश की 54 मंडियों को इंटरनेट से जोड़कर आधुनिक बनाया जाएगा। इससे
किसान किसी भी मंडी में बैठकर अपना उत्पाद प्रदेश की किसी भी मंडी में बेच
सकेगा। रोहतक पहुंचे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने यह बात कही। वे
शुक्रवार शाम को सिंचाई विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने
बताया कि 17 व 18 जनवरी को सिक्किम के गंगटोक में एक राष्ट्रीय स्तर की
कृषि आधारित कांफ्रेंस होने जा रही है। इसमें हरियाणा की तरफ वे अधिकारियों
के साथ शिरकत करेेंगे। इसमें मुख्य रूप से सात विषयों पर चर्चा होगी,
जिसमेें राष्ट्रीय कृषि बाजार विकसित करना भी शामिल है।
इसी कड़ी में
प्रदेश सरकार ने राज्य की 54 मंडियों को चुना है, जिनको आपस में इंटरनेट से
जोड़ा जाएगा। इसके बाद कोई भी किसान इन मंडियों में से किसी भी मंडी में
बैठकर अपने उत्पाद दूसरी मंडियों में भी बेच सकेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी इस
कांफ्रेंस में आ रहे हैं।
किसान 2 प्रतिशत दे और बीमा करवाए
फटिलाइजर
पर 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी दी जाती है। आमजन के
स्वास्थ्य और समय की जरूरत के अनुसार जैविक खेती को अपनाने पर कांफ्रेंस
में विचार-विमर्श होगा। यहां प्रधानमंत्री सिंचाई योजना पर भी मंथन होगा।
पीएम के मिशन प्रोजेक्ट सॉयल हेल्थ कार्ड पर भी मंथन किया जाएगा।
पट्टे या
बटाई पर खेती करने वालों के अधिकारों के बारे में विचार होगा। पहले फसल के
बीमा के लिए कीमत का 22 प्रतिशत हिस्सा किसान को देना पड़ता था, लेकिन अब
22 प्रतिशत हिस्से का केवल 2 प्रतिशत ही किसान को फसल का बीमा करवाने के
लिए देना होगा। रबी फसल के लिए केवल डेढ़ प्रतिशत देने का ही प्रावधान है।
इस योजना में फसल बुआई के पहले से लेकर फसल कटाई के 14 दिन बाद तक का समय
कवर होगा। बागवानी के मामलों में 5 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने मनुष्य और पशु सहित फसल का बीमा भी कर दिया है।
अब हम जोखिम मुक्त गांव बनाने में कामयाब होंगे। इस अवसर पर रोहतक के
विधायक मनीष ग्रोवर, बहादुरगढ़ के विधायक नरेश कौशिक, जिला अध्यक्ष रमेश
भाटिया, राजबीर आर्य, रणबीर ढाका, लवलीन टूटेजा लवली, कुलविंद्र सिक्का और
मीनाक्षी नांदल मौजूद रहे।
ऊपर का एजेंडा नीचे पहुंचाना आसान नहीं होता
पंचायत
एवं विकास मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा है कि ऊपर का एजेंडा नीचे
पहुंचाना आसान नहीं होता। पंच सरपंच भी आज वही कह रहे हैं जो प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का सपना है। प्रदेश में हुए पहले चरण के चुनाव में 60 प्रतिशत
से भी अधिक पंच सर्वसम्मति से चुने गए हैं और इनमें ज्यादातर युवा व
महिलाएं हैं।
210 करोड़ रुपये की रिकवरी
उन्होंने कहा कि पहले और
दूसरे चरण के चुनाव में बिजली बिल व ऋण डिफाल्टरों से 210 करोड़ रुपये की
रिकवरी की गई है। सर्वसम्मति से चुने गए पंच, सरपंचों के गांवों को सरकार
की योजना के अनुसार लगभग 254 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। सरकार के पास
खाद, बीज की कोई कमी नहीं है।
लगभग ढाई लाख मीट्रिक टन का स्टॉक अभी उपलब्ध
है। प्रदेश का पहला मौका है जब बाढ़ राहत के कार्य पूरे करने के लिए 15 मई
का समय निर्धारित किया गया है। वे स्वयं ड्रेन की सफाई व अन्य कार्यों का
जायजा लेंगे। 1100 टेल तक पानी पहुंचाया गया है।
इसके लिए 143 करोड़ रुपये
की राशि का प्रावधान भी कर दिया गया है। हाल ही नहरी पानी की कमी पर सिंचाई
मंत्री ने कहा कि यमुना में पानी कम होने की वजह से समस्या हुई है, आगे यह
समस्या नहीं होगी।