भाजपा के लिए जाट बड़ी परेशानी खड़ी करने वाले हैं। आरक्षण की मांग को लेकर जाट केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि 12 राज्यों में भाजपा के खिलाफ अभियान शुरू करेंगे। प्रदेश में जाट आरक्षण अधिसूचना वापस लेने पर बिरादरी के नेता खुलकर भाजपा के विरोध में उतर आए हैं। यहां के जाटों को साथ लेकर ही अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति 12 प्रदेशों में भाजपा विरोधी अभियान छेड़ेगी। अभियान की पूरी योजना 6 अक्तूबर को हिसार में होने वाली कोर कमेटी की बैठक में बनाई जाएगी।
भाजपा की खिलाफत करने के लिए समिति यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र, आंध प्रदेश में क्रमवार मुहिम छेड़ेगी। जाट नेताओं का पहला टारगेट वे प्रदेश हैं, जहां जल्द ही चुनाव होने वाले हैं।
इसलिए इस फेहरिस्त में बिहार के साथ ही यूपी को ऊपर रखा गया है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि हरियाणा के जाटों के साथ 12 प्रदेशों में भाजपा विरोधी मुहिम शुरू करने की पूरी योजना बन चुकी है। भाजपा के दो चेहरे सामने आ रहे हैं, एक में वह जाट हितैषी होने की बात कहती है तो दूसरी ओर हरियाणा में अधिसूचना तक वापस ले ली गई। 6 अक्तूबर को हिसार में संघर्ष समिति की कोर कमेटी की एक बैठक बुलाई गई है।