जिला बार की चौधर को लेकर चल रही जंग में नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट की ओर से मई 2015 के बाद हुए बार चुनाव को रद कर दिया गया था। चुनाव रद किए जाने का मामला अभी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसी बीच कोर्ट ने आदेश दिए कि कामकाज देखने केे लिए बार में एक कमेटी बनाई जाए।
बुधवार को बार सदस्यों ने बैठक कर चुनाव जीतने वाले पदाधिकारियों को ही कमेटी का सदस्य बनाया दिया गया था। निवर्तमान प्रधान दीपक कुंडू को कमेटी की जिम्मेदारी दी गई। बृहस्पतिवार सुबह बार कौंसिल ऑफ हरियाणा एंड पंजाब ने नई कमेटी की घोषणा कर दी। कौंसिल ने एडवोकेट गुगन सिंह को कमेटी का चेयरमैन बनाया है। इस पर बार की सियासत गरमा गई। अब एडवोकेट दीपक कुंडू ने स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन पर कोर्ट की अवमानना करने का केस चलाने की बात कही है।
बता दें कि बुधवार को ही चुनाव जीतने वाले पदाधिकारियों को कमेटी की जिम्मेदारी दी गई। इसमें प्रधान दीपक कुंडू, उपाध्यक्ष विकास नांदल, महासचिव संदीप कौशिक, संयुक्त सचिव सुशीला फौगाट और लाइब्रेरी इंचार्ज राकेश बिरला को जिम्मेदारी दी गई। इसके लिए बैठक भी हुई थी।
हालांकि इस बैठक में स्टेट बार कौंसिल (हरियाणा एंड पंजाब) के चेयरमैन रजत गौतम शामिल नहीं हुए थे। सूत्रों ने बताया कि स्टेट बार कौंसिल ने बृहस्पतिवार को दीपक कुंडू की प्रधानता वाली कमेटी के बजाय नई कमेटी घोषित कर दी। इसमें एडवोकेट गुगन सिंह चेयरमैन के अलावा एडवोकेट आजाद अत्री, एडवोकेट विक्रम आह्ल्यान, एडवोकेट सज्जन बिश्नोई, एडवोकेट ललित कौशिक को सदस्य बना दिया गया।
मुझे फोन पर मिली सूचना - गुगन सिंह
एडवोकेट गुगन सिंह ने बताया कि बुधवार को जो बैठक हुई थी, उसमे सर्वसम्मति से कोई फैसला नहीं हुआ था। मुझे बृहस्पतिवार दोपहर ढाई बजे बार कौंसिल के चेयरमैन रजत गौतम का फोन आया। उन्होंने पूछा था कि क्या मैं बार एसोसिएशन की कमेटी के चेयरमैन की जिम्मेदारी उठा लूंगा। हां कहने पर उन्होंने सदस्यों की भी घोषणा कर दी। साथ ही यह भी कहा गया कि दो अक्टूबर को अवकाश है, इसलिए शनिवार को आप चार्ज ले लें। यदि चार्ज लेने में कोई दिक्कत हो तो इसकी सूचना दी जाए। गुगन सिंह ने बताया कि जिम्मेदारी के लिए मैंने हामी भर दी है।
यह कोर्ट की अवमानना: कुंडू
स्टेट बार कौंसिल के इस निर्णय को बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक कुंडू ने हाईकोर्ट के निर्णय की अवमानना बताया है। कुंडू ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय की कॉपी मेरे पास है, जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि बार एसोसिएशन कमेटी का गठन करे। यह अधिकार स्टेट बार कौंसिल को नहीं है। इसके बाद भी कौंसिल नई कमेटी का गठन कर रही, जो कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। हम कौंसिल केचेयरमैन के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस दायर करेंगे। एडवोकेट कुंडू ने आरोप लगाया कि चेयरमैन रजत गौतम बार में फूट डालना चाहते हैं।