शहरवासी अब नगर निगम से पंजीकरण के 15 साल बाद भी अपने नाम में परिवर्तन करवा सकेंगे। प्रदेश सरकार ने 2019 के बाद दोबारा अगले आदेशों तक छूट दे दी है। इस कारण हर रोज शाखा में ऑनलाइन 200 के करीब अर्जी आ रही हैं। इसमें 80 प्रतिशत जन्मतिथि पंजीकरण व दोबारा पंजीकरण से संबंधित हैं। वहीं, आयुक्त प्रदीप गोदारा ने निगम के मेडिकल ऑफिसर उदयभान को शाखा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
चार दिन पहले नगर निगम के डिप्टी मेयर अनिल कुमार, पार्षद प्रतिनिधि अशोक खुराना ने लिखित में निगम आयुक्त को शिकायत दी थी कि लघु सचिवालय स्थित निगम की जन्म व मृत्यु शाखा के कर्मचारी लोगों को बेवजह चक्कर कटवा रहे हैं। पार्षद से लेकर एएनएम की रिपोर्ट तक को नहीं माना जा रहा है। निगम आयुक्त ने सीएमओ से बात करके शाखा के एक कर्मचारी का तबादला कर दिया था। अब शाखा के कागजात की समीक्षा करते हुए निगम के एमओ उदयभान को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही हिदायत दी है कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पूरी तरह से फाइलों का रिकॉर्ड रखा जाए।
एक साल में सरकार ने दोबारा दी नाम परिवर्तन कराने की अनुमति
प्रदेश सरकार ने एक साल के लिए सितंबर 2019 तक उन लोगों को नाम परिवर्तन कराने की अनुमति दी थी, जिन्होंने 15 साल पहले पंजीकरण करवाया था। बाद में छूट बंद कर दी गई। फिर से लोगों ने सरकार से मांग की कि छूट को दोबारा लागू किया जाए। सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए छूट फिर दे दी है, जो आगामी आदेशों तक जारी रहेगी। इस कारण ब्रांच में जन्म पंजीकरण के अलावा नाम परिवर्तन की भी ऑनलाइन अर्जी ज्यादा आ रही हैं।
नियमों के तहत जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन शाखा में आवेदन किया जाता है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर फाइल भी शाखा में जमा करवानी होती है। इसके अलावा आवेदन पत्र के साथ लगे दस्तावेज की जांच की जाती है। जांच में अगर कोई दस्तावेज गलत मिलता है तो अब तक ब्रांच आवेदनकर्ता को बुलाकर शपथ पत्र मांगती थी। निगम आयुक्त ने हिदायत दी है कि अब ब्रांच के अधिकारी बार-बार आवेदनकर्ता को नहीं बुलाएंगे। खुद घर या मौके पर जाकर जांच पड़ताल करेंगे।
- उदयभान, एमओ एवं नोडल अधिकारी, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण शाखा, नगर निगम
जन्म व मृत्यु शाखा के काम में पारदर्शिता लाने के लिए मेडिकल ऑफिसर को नोडल अधिकारी लगाया गया है। साथ ही हर आवेदन का रिकॉर्ड रखने की हिदायत दी गई है। अगर कोई गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई होगी। शाखा के एक कर्मचारी का पहले ही तबादला हो चुका है।
-प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम