फर्जी दस्तावेजों के सहारे साई सेंटरों में मुक्केबाजी करने वालों को तगड़ा पंच लग सकता है। क्योंकि पीएमओ से पूरे देश के साई सेंटरों की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। पीएमओ ने रोहतक के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, असम समेत कई राज्यों के साई सेंटरों पर मौजूदा व पुराने बॉक्सरों के दस्तावेज जांचे जाएंगे। देश के कई सेंटरों के बॉक्सर अपनी उम्र कम दिखाकर विदेशों तक खेले और नौकरी भी पक्की कर ली। लेकिन अब साई (स्पोर्ट्स अॅथारिटी ऑफ इंडिया) के सचिव पूरे मामले की जांच करेंगे, जिसमें बड़ा खुलासा हो सकता है।
मूल रूप से भिवानी और हाल में रोहतक में रहने वाले चरण सिंह चहल ने देशभर के साई सेंटरों के मौजूदा व पुराने बॉक्सरों के दस्तावेजों को आरटीआई के सहारे जुटाया। इसके अलावा उन बॉक्सरों के दस्तावेज हरियाणा बोर्ड से भी मांगे। उन बॉक्सरों के हरियाणा बोर्ड से जारी व साई में जमा दस्तावेज अलग-अलग निकले और अधिकतर बॉक्सरों ने साई में जमा कराये दस्तावेजों में अपनी उम्र कई साल कम कराई हुई थी।
इसको ही आधार बनाकर चरण सिंह ने पीएमओ में अपनी शिकायत भेजी, जहां से अब उनको भारत सरकार के सचिव विनोद कुमार ने पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि साई के सचिव को उसकी जांच सौंपी गई है और वे सभी सेंटरों की जांच करेंगे। जिससे फर्जीवाड़ा करने वाले बॉक्सरों के लिए परेशानी हो सकती है।
दिल्ली, यूपी, पंजाब के खिलाड़ी, हरियाणा के प्रमाण पत्र
साई सेंटरों में हरियाणा, दिल्ली, यूपी, पंजाब, मध्यप्रदेश आदि कई राज्यों के खिलाड़ियों ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड की मार्कशीट जमा कराई है। जबकि इन मार्कशीट पर रोल नंबर व इनरोलमेंट नंबर आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर फर्जी बताए जा रहे हैं। उनपर अधिकारियों के हस्ताक्षर भी फर्जी बताए जा रहे हैं। अब जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा।
संदेह के घेरे में 374 खिलाड़ी
एसटीसी हिसार के 36, भिवानी के 40, दिल्ली में बवाना के 25, जबलपुर के 17, गुवाहटी के 134, गांधीनगर 17, भोपाल 29, सिकंदराबाद 12, विशाखापट्टनम 42, बंगलूरू के 22 खिलाड़ी संदेह के घेरे में हैं। इन 374 मौजूदा और पुराने खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी।