अब निजी सेंटरों पर गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं किए जाएंगे।
अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लगातार हो रही प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में प्राइवेट संचालकों ने यह निर्णय लिया है।
ध्यान रहे कि प्रदेश में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी कर रहे हैं। इसमें अल्ट्रासाउंड सेंटर भी सील किए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई का निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक विरोध कर रहे हैं। सोमवार को सभी संचालकों ने एकमत होकर निर्णय लिया है कि रोहतक, हिसार, भिवानी, झज्जर और जींद में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड ही नहीं किए जाएंगे।
रोहतक के अल्ट्रासाउंड संचालक संघ के उप प्रधान डॉ. रामबक्श शर्मा ने बताया कि कई जिलों में नियमों का पालन करने के बावजूद अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने वाले प्राइवेट डॉक्टरों पर गलत तरीके से कार्रवाई हो रही है। इसके बारे में अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया है। निजी अल्ट्रासाउंड संचालकों को जब तक इस तरह की गलत कार्रवाई रोकने का आश्वासन नहीं मिलता है, तब तक विरोध जारी रहेगा।