करीब चार साल से साथ रहने और शादी करने का सपना देख रहे प्रेमी युगल को परिवार ने जब शादी की मंजूरी नहीं दी तो दोनों ने साथ मरना ही बेहतर समझा।
दोनों ने बंद कमरे में जहर निगल लिया। इससे प्रेमी उत्तर प्रदेश के शामली के गांव ऊन निवासी 20 वर्षीय देवेंद्र की जहर के प्रभाव से मौत हो गई। वहीं, एटा निवासी 18 वर्षीय सविता पीजीआई रोहतक में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
पानीपत के रमाणी चौक स्थित एक कमरे में शुक्रवार को एक प्रेमी युगल बेसुध अवस्था में मिला। युवक के जीजा रविंद्र ने दोनों को गंभीर हालत मेें पानीपत के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां कुछ ही घंटे बाद देवेंद्र ने तो दम तोड़ दिया। मगर सविता की सांसें चलती रहीं। ज्यादा तबियत खराब होने पर उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। अब उसकी हालत में सुधार है। हालांकि युवती के परिजन अभी तक पीजीआई नहीं पहुंचे हैं। मृतक देवेंद्र के परिजन ही उसकी देखभाल में लगे हैं।
दरअसल, करीब चार साल पहले सविता और देवेंद्र पानीपत में एक कंपनी में काम करते थे। यहीं से दोनों में प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ। इस बात का पता चलने पर सविता के परिजनों ने उसकी नौकरी छुड़ा दी। हालांकि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चलता रहा। रविंद्र ने बताया कि वह शुक्रवार तड़के देवेंद्र को कमरे पर छोड़कर काम पर चला गया। जब वह रात करीब नौ बजे कमरे पर पहुंचा तो अंदर से दरवाजा बंद मिला। आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो देवेंद्र और सविता फर्श पर बेसुध पड़े मिले। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।