बदलते मौसम में सड़क हादसे गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। कोहरे में हाईवे व शहर की मुख्य सड़कों पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। रात के अंधेरे व कोहरे में हादसे से बचाने वाले रिफ्लेक्टर व कैट आई ज्यादातर जगह नजर नहीं आते हैं। इस कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ता है। जरा सी लापरवाही सड़क हादसे का सबब बन जाती है। जनता की इस समस्या को लेकर विभिन्न सड़कों को दौरा किया गया तो यह सच सामने आया। प्रशासन इस ओर से निश्चिंत नजर आ रहा है।
घना कोहरा हो या अंधेरा, कैट आई व रिफ्लेक्टर रोशनी पड़ते ही वाहन चालकों का मार्गदर्शन करते हैं। इसके लिए इनका दुरुस्त होना व सही जगह लगा होना जरूरी है। शहर की मुख्य सड़क हो या हाईवे कैट आई, रिफ्लेक्टर जरूरी है। इनका हादसों पर अंकुश लगाने में अहम योगदान रहता है। इसके बावजूद अरसे से ज्यादा सड़कों से कैट आई व रिफ्लेक्टर गायब हैं। नतीजतन हादसे की आशंका बढ़ जाती है। हाल ही में छाया स्मॉग भी कुछ यही बयां कर गया है। स्मॉग में अनेक जगह सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें कई गंभीर हादसे हुए हैं। इसमें परिवहन नियमों की कमी खुलकर सामने आई। अब भी प्रशासन इस ओर नहीं जागा है। शीला बाईपास पर छोटे वाहनों के साथ भारी वाहनों का दिन भर आवागमन रहता है। यहां परिवहन नियमों के अनुसार संकेतक या कैट आई व रिफ्लेक्टर न होने से कोहरे में हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
सड़कों पर कैट आई व रिफ्लेक्टर जरूरी हैं। जहां ये नहीं हैं, वहां जगह सुनिश्चित कर इन्हें लगाया जाएगा। व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
- वाईवीआर शशि शेखर, एएसपी।