रोहतक। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) को अब न सिर्फ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) , हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) बल्कि अब आम लोग भी आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। कोलकाता प्रकरण पर रोष जताते हुए सोमवार शाम सुभाष चौक पर आम लोगों ने हाथ में तख्ती लेकर न्याय के लिए आवाज बुलंद की।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कोलकाता में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ दरिंदगी और हत्या के विरोध में पीजीआईएमएस और पीजीआईडीएस रोहतक ने न्याय के लिए हड़ताल करते हुए अपनी लड़ाई सोमवार को भी जारी रखी। साथ ही पीजीआईएमएस परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए हर जगह नाइट विजन वाले कैमरे लगवाने और बाउंड्री वॉल का निर्माण करने सहित कई मांगें उठाईं।
आरडीए, पीजीआईएमएस रोहतक के प्रधान डॉ. प्रज्वल ने कहा कि पीड़ित बेटी को न्याय देने में फिलहाल कोई खास प्रगति नहीं हुई है। अब इस आंदोलन में सिविल सोसाइटी और गैर-चिकित्सकीय पृष्ठभूमि के लोगों सहित वरिष्ठ पदों पर प्रशासक भी आदोलन में शामिल हो रहे हैं। डॉक्टरों की सुरक्षा और संस्थागत एफआईआर जैसे प्रावधान केवल कागजों पर नहीं होने चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू होने चाहिए।
वहीं हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन रोहतक के पदाधिकारियों ने आरडीए को अपना समर्थन दिया है। साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का समर्थन हमें प्राप्त है। मंगलवार सुबह 9:00 बजे आरडीए के आह्वान पर डीन पार्क धरनास्थल पर सभी चिकित्सक एकत्रित होकर महिला चिकित्सक को श्रद्धांजलि देंगे।
यह रखी मांग
-कैंपस में हर जगह नाइट विजन वाले कैमरे लगाए जाएं।
-प्राथमिकता के आधार पर भर्ती किए जाएं सुरक्षाकर्मी।
-पीजीआईएमएस कैंपस को क्लोज कैंपस बनाया जाए।
- कैंपस की एक ही एंट्री एग्जिट होना चाहिए।
-श्रीनगर कॉलोनी की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद किया जाना चाहिए।
- कैंपस के बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए।
-स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया जाए।