रोहतक। एनएचएम कर्मचारी संघ ने अपनी नियमित करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में सामवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इसमें जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों से एनएचएम कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने 25 से 27 जून तक एक-एक घंटे का कार्य बहिष्कार, 28 जून को जिला उपयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया।
संघ अपने हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेगा। इसके लिए कार्य बहिष्कार व ज्ञापन सौंपने के बाद एक से छह जुलाई तक कर्मचारी जिला स्तर पर अपनी संथाओं में गेट मीटिंग कर विरोध प्रकट करेंगे। इसके बाद सात जुलाई को मुख्यमंत्री आवास (कैंप ऑफिस करनाल) का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी कर्मारियों की मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
संघ के जिला अध्यक्ष सोनू ने बताया कि 20 जून 2024 को सैकड़ों की संख्या में एनएचएम कर्मचारी मुख्यालय पर मिशन निदेशन से बातचीत के लिए गए थे। मिशन निदेशक की अनुपस्थिति में निदेशक प्रशासन के साथ हुई वार्ता विफल रही। इससे नाराज कर्मचारियों ने आंदोलन का ज्ञापन निदेशक को सौंपा। नतीजतन दबाव में मिशन निदेशक ने 21 जून 2024 प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता की। इसमें लगभग सभी मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति बनी, लेकिन पिछले कटु अनुभवों को देखते हुए कर्मचारी संघ ने जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अपने आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया है।