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Rohtak News: मिर्गी के दौरे को नियंत्रित करने में सहायक है नई तकनीक

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25सीटीके31-पीजीआई में एम्स के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डाॅ. पी. शरत चंद्रा को शॉल ओढ़ा कर सम्
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रोहतक।
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पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के न्यूरोलॉजी विभाग की ओर से व्याख्यान का आयोजन किया गया। यहां एम्स नई दिल्ली के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. बीसी बंसल ने मिर्गी सर्जरी में नवीनतम इलाज - उभरते भारत के लिए एक आवश्यकता, विकल्प नहीं विषय पर विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन से किया।
एम्स के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष ने कहा कि एंडोस्कोपिक हेमिस्फेरे टॉमी एक न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया है। इसमें मस्तिष्क के एक हिस्से को डिस्कनेक्ट किया जाता है। इससे मिर्गी के दौरे को नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं, रोबोटिक थर्मोकोगुलेटिव हेमिस्फेरोटॉमी एक रक्तहीन तकनीक है। इसमें रोबोटिक मार्गदर्शन का उपयोग करके मस्तिष्क के एक हिस्से को डिस्कनेक्ट किया जाता है।
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कुलपति ने कहा कि मिर्गी सर्जरी में नवीनतम इलाज पर ओरेशन कराना सराहनीय है। मरीजों को नए और प्रभावी उपचार विकल्प प्रदान किए जा रहे हैं। डाॅ. पी शरत चंद्रा ने एपिलेप्सी सर्जरी पर नया दृष्टिकोण प्रदान देते हुए संस्थान के चिकित्सकों का ज्ञानवर्धन किया।
निदेशक डाॅ. एसके सिंघल ने कहा कि मिर्गी सर्जरी उभरते भारत के लिए एक आवश्यकता है। इससे मरीजों को नए व प्रभावी उपचार विकल्प प्रदान किए जा सकते हैं। डीन एकेडमिक अफेयर्स डाॅ. ध्रुव चौधरी ने कहा कि संस्थान प्रगति की ओर अग्रसर है।
डाॅ. सुरेखा डाबला ने कहा कि मिर्गी एक गंभीर बीमारी है। यह मरीजों के जीवन को प्रभावित करती है। मिर्गी सर्जरी एक प्रभावी उपचार विकल्प है। यह मिर्गी के दौरे को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। मिर्गी सर्जरी के इलाज में आई नवीनतम तकनीकों का विशेष महत्व है। इससे मरीजों को नए और प्रभावी उपचार विकल्प प्रदान किए जा सकते हैं।
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इस मौके पर डाॅ. नीरज, डाॅ. सविता सिंघल, डाॅ. तराना गुप्ता, डाॅ. सुधीर अत्री, डाॅ. ईश्वर सिंह, डाॅ. पवन शर्मा, डाॅ. गजेंद्र, डाॅ. किरण बाला, डाॅ. नीरज, डाॅ. केदारनाथ गर्ग उपस्थित रहे।
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