जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संरक्षक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि प्रदेश सरकार जाट समाज को ओबीसी में आरक्षण दे, क्योंकि अब तो 50 प्रतिशत से अधिक के आरक्षण की शर्त हट गई है। मलिक शनिवार को रोहतक पहुंचे और जाट आरक्षण संघर्ष समिति व जाट सेवा संघ की नई कार्यकारिणी के गठन को सार्वजनिक किया।
सोनीपत के प्रताप दहिया को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का राष्ट्रीय अध्यक्ष, सोनीपत के ही आजाद लठवाल को राष्ट्रीय महासचिव व गंगाराम श्योराण को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
मीडिया से बातचीत में मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जो केस दर्ज हुए थे, उनको अब तक वापस नहीं लिया गया है। हाईकोर्ट में स्टे लगा हुआ है। सरकार पैरवी करके स्टे को हटवाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से भी 50 प्रतिशत तक आरक्षण की सीमा टूट गई है। अब आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। जाट समाज सरकार द्वारा तय आर्थिक नियमों को पूरा नहीं कर सकता। ऐसे में जाट समाज को ओबीसी के अंदर ही आरक्षण दिया जाए। इसके लिए 10 दिसंबर को जसिया स्थित छोटूराम धाम में प्रदेश स्तरीय रैली होगी। उसी दिन छोटूराम धाम स्थापना दिवस बनाया जाएगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री से लोहा नहीं मिला, अभय चौटाला ने 50 लाख भिजवाए
जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा कि जसिया में एक जनसभा में एक केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि छोटूराम धाम के निर्माण में जितना भी लोहा लगेगा, वे देंगे, लेकिन अब तक कई कारणों से लोहा नहीं मिला। दूसरा, अभय चौटाला ने एक करोड़ देने का ऐलान किया था। 50 लाख रुपये मिल गए थे, लेकिन उनकी पार्टी के सांसद कोटे से नियम आड़े आने के कारण 50 लाख बाकी नहीं मिल सके।