08सीटीके53...माता दरवाजा के पास स्थित संकट मोचन मंदिर में पाठ करती श्रद्धालु। संवाद
रोहतक। माता दरवाजा चाैक स्थित संकट मोचन मंदिर में गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। पाठ करने से शांति, धन, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साध्वी मानेश्वरी देवी ने भक्तों को प्रवचन देते हुए कहा कि गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की पूजा होती है। उन्होंने कहा कि माघ माह की गुप्त नवरात्रि का खास महत्व रहता है। यह साधना, दान, पुण्य और पूजा का माह है।
उन्होंने कहा कि गुप्त नवरात्रि का महत्व यानि गुप्त अर्थात छिपा हुआ। इस नवरात्रि में गुप्त विद्याओं की सिद्धि हेतु साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधनाओं का महत्व होता है और तंत्र साधना को गुप्त रूप से ही किया जाता है। इसीलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इसमें विशेष कामनाओं की सिद्धि की जाती है। साधकों को इसका ज्ञान होने के कारण या इसके छिपे हुए होने के कारण इसको गुप्त नवरात्र कहते हैं। यह साधना की नवरात्रि है उत्सव की नहीं। इसलिए इसमें खास तरह की पूजा और साधना का महत्व होता है।