रोहतक। सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद सोमवार को कोर्ट में पेश हुए। पहरावर जमीन मामले में पेशी के बाद अदालत ने उन्हें तीन हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी। नवीन जयहिंद पर पहरावर में गौड़ संस्थान की जमीन छुड़ाने और नगर निगम प्रशासन का बोर्ड उखाड़ फेंका।
नवीन जयहिंद ने कहा कि पहरावर की जमीन पर लगे प्रशासन के बोर्ड को उखाड़ा था। यहां बुलडोजर चलवाया था। इसके बाद प्रशासन ने केस दर्ज किया। यही नहीं, 36 बिरादरी के भाईचारे के साथ मिलकर पहरावर की जमीन पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाने वाले थे, लेकिन सरकार व निगम ने कोर्ट का सहारा लेकर जन्मोत्सव पर रोक लगवा दी थी। इसे लेकर उन पर एक और केस किया गया। पिछले महीने उस केस की सुनवाई हुई। इसमें भी 20 सितंबर को जिला कोर्ट पहुंचे थे।
सोमवार को जिला कोर्ट में पेश होने के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्हें पहरावर जमीन मामले तीन हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई है। पहले उन्हें कच्ची बेल मिली थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने खूब कोशिश की कि यह जमीन समाज को न मिले, लेकिन सरकार के सारे हथकंडे विफल रहे। जमीन समाज को मिल चुकी है। अब इस तरह के केस से सिर्फ सरकार परेशान करने की कोशिश कर रही हैं। इस जमीन पर अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और खेल मैदान बनेंगे। इसमें 36 बिरादरी के बच्चे पढ़ने-खेलने और लोगों काे स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।