राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से देश भर के कोर्ट परिसरों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया।
इन
लोक अदालतों में एक साथ कई बेंचों ने बैठकर लगभग एक लाख केस चंद घंटों में
ही निपटा दिए। प्रदेश की विभिन्न अदालतों में 80 से ज्यादा जजों के पद
रिक्त पड़े हैं। वहीं, लगभग पांच लाख से ज्यादा मामले भी लंबित हैं। इस तरह
अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन
किया गया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष गोयल ने कहा कि आमजन
को त्वरित व सुलभ न्याय प्रदान करने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता
है। लोक अदालतों में दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा किया
गया। जिससे अदालत के बहुमूल्य समय में बचत हुई और लोगों को भी मामलों के
निपटारा होने से राहत मिली है।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम और न्यायाधीश न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी ने वीडियो
कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया। सत्र
न्यायाधीश ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के
जस्टिस एजी मसीह के निर्देशन में आयोजित की जा रही है। इस लोक अदालत के
समन्वयक व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम संजय कुमार शर्मा
ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए विभिन्न 15 विशेष बैंच गठित की गई
थी। इन बैंचों के द्वारा 9 हजार से ज्यादा केसों का निपटारा किया गया है।
संजय शर्मा ने बताया कि इस अदालत में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष वीके
बख्शी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश सिंघल, उपमंडल अधिकारी
नागरिक रोहतक अमरदीप जैन और तहसीलदार प्रमोद चहल उपस्थित रहे।
सिरसा में लोक अदालतों में निपटे 5869 मामले
सिरसा।
जिला न्यायालय की ओर से शनिवार को 12 लोक अदालतों के साथ-साथ जिला प्रशासन
द्वारा भी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। डबवाली में तीन और ऐलनाबाद
में दो राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। जिला एवं सत्र न्यायधीश
कुलदीप जैन ने बताया कि 12,969 मामले रखे गए, जिनमें से 5869 मामलों का
निपटारा हुआ। मोटर वाहन दुर्घटना एक्ट से संबंधित और सिविल किस्म के मामलों
में 32 लाख 69 हजार 476 रुपये की राशि मुआवजे के रूप में दिलवाई गई। सेशन
डिवीजन में वैवाहिक संबंधी 63 मामलों का निपटारा किया।
कोसली में निपटाए 115 परिवाद
कोसली
(रेवाड़ी)। न्यायिक परिसर कोसली में राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 165
मामले रखे गए। इनमें से 115 मामलों का निपटारा किया गया।
चरखी दादरी में 563 केस निपटे
चरखी
दादरी। चरखी दादरी के अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन व उपमंडल विधिक
सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन योगेश चौधरी की अध्यक्षता में लोक अदालत में
चारों कोर्ट में कुल 783 मामले रखे गए। इनमें से 563 मामलों का निपटारा
किया गया।
हरियाणा-पंजाब में 15 लाख केस निपटाने का लक्ष्य
भिवानी।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एमएस चौहान ने लोक अदालत का
शुभारंभ किया। जिले भर में सभी न्यायिक अधिकारियों की अदालत में साढ़े छह
हजार मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा
उच्च न्यायालय की ओर से शनिवार को दोनों राज्यों में 15 लाख मामले निपटाने
का लक्ष्य निर्धारित किया है।
नारनौल में निपटाए 5550 मामले
नारनौल/महेंद्रगढ़।
राष्ट्रीय लोक अदालत का पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज महेंद्र सिंह
सुल्लर ने निरीक्षण किया। इसमें 10192 मामले सुनवाई के लिए रखे, जिनमें से
शाम चार बजे तक 5550 मामलों का निपटारा किया गया। नारनौल में जिला एवं सत्र
न्यायाधीश नरेंद्र कुमार और महेंद्रगढ़ में सीनियर डिविजन के जज डॉ. अशोक
कुमार की अध्यक्षता में मामलों की सुनवाई की गई।
कोर्ट का सारा रिकार्ड कंप्यूटराज्ड होगा
फतेहाबाद।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश टीएस ढींढसा ने बताया कि
पूरे प्रदेश में लगभग एक लाख मामलों का राष्ट्रीय लोक अदालतों में निपटारा
किया गया। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि मुकदमों का कंप्यूटरीकरण किया
जा रहा है। पंद्रह दिनों में फतेहाबाद सेशन कोर्ट का सारा रिकार्ड
कंप्यूटराइज हो जाएगा। फतेहाबाद की जिला अदालतों में लगभग 11500 मामले
लंबित पड़े हैं। नेशनल लोक अदालत में जिला स्तर पर फतेहाबाद में 6 न्यायिक
लोक अदालतें लगाई गई।
जज आरपी गुप्ता ने निरीक्षण किया
झज्जर।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आरसी गुप्ता राष्ट्रीय
लोक अदालत का निरीक्षण करने शनिवार को झज्जर पहुंचे। बैंचों में पहली
सितंबर 2013 के बाद से लंबित मामले रखे गए। बैंकों के करीब 650 तथा ट्रैफिक
से संबंधित करीब 250 मामले रखे गए। वहीं अन्य बैंचों के माध्यम से भी
हजारों मामलों का निपटारा हुआ।
पंद्रह लाख का कर्जा दो लाख में निपटा दिया
कैथल।
जिले के गांव बात्ता के 70 वर्षीय गरीब किसान इमरतपाल के लिए राष्ट्रीय
लोक अदालत वरदान सिद्ध हुई। इमरतपाल की ओर से जमीन पर ट्रैक्टर के लिए 1997
में स्टैट बैंक ऑफ पटियाला की कलायत शाखा से लिया गया एक लाख 70 हजार
रुपये का ऋण 15 लाख रुपये तक पहुंच गया था, जोकि दो लाख 25 हजार रुपये में
ही निपट गया। किसान ने 60 हजार रुपये की अदायगी भी पहले ही कर दी थी, लेकिन
इसके बावजूद ऋणों की नियमित अदायगी न होने से की एक एवज में जमीन कुर्क
होने के कगार पर थी।