रोहतक। कृषि कानून वापस होने तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने राकेश टिकैत को लखनऊ नहीं आने की धमकी दी है, जिसे किसानों ने चुनौती के रूप में स्वीकारा है। अब किसान लखनऊ में आवाज बुलंद करेंगे। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय पंचायत होगी, जिसमें देशभर से किसान आएंगे। यह बात शनिवार को भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कही।
प्रदेशाध्यक्ष नई अनाज मंडी स्थित भाकियू (भारतीय किसान यूनियन) दफ्तर में आयोजित कार्यक्रम में नई इकाई को नियुक्ति पत्र देने आए थे। मुख्य अतिथि प्रदेशाध्यक्ष व युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने सबसे पहले दीनबंधु सर छोटूराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम की शुरुआत की। उनका पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, कोई भी किसान घर वापसी नहीं करेगा। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय किसान महापंचायत होगी, जिसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, राष्ट्रीय चौधरी नरेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह शामिल होंगे।
महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश से किसान पहुंचेंगे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के होने वाले चुनाव के बारे में रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में राकेश टिकैत के नहीं आने को लेकर जो धमकी दी है, उसे किसानों ने चुनौती के रूप में स्वीकारा है। अब किसान लखनऊ में आवाज बुलंद करेंगे। इस मौके पर प्रदेश संगठन सचिव श्याम सिंह मान, प्रदेश कार्यालय सचिव बलजीत राठी, जिला प्रधान रणधीर काला, उप प्रधान बलबीर गिरावड़, सचिव चांद सिंह कुंडू, कोषाध्यक्ष रामधन, जयभगवान भाली आदि मौजूद रहे।