वैश्य महाविद्यालय में शनिवार को बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के सीनियर अधिवक्ता डॉ. आदिश अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त किए। अधिवक्ता नितिन बंसल और डॉ. राजेंद्र गोयल ने अपने विचार साझा किए। मुख्य वक्ता के रूप में सीएस यशरी दीक्षित ने बताया कि बौद्धिक संपदा एक व्यक्ति या संस्था की स्वनिर्मित और स्वसृजित संपदा है।
हमें अपनी बौद्धिक संपदा का रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए। बौद्धिक संपदा कई तरह की होती हैं, जैसे ट्रेड मार्क, पेटेंट्स, कॉपीराइट, ट्रेड सीक्रेट आदि। इन्होंने ट्रेड मार्क को रजिस्टर करवाने से संबंधित पूरी प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया। संस्था के प्रधान नवीन कुमार जैन ने कहा महाविद्यालय के शिक्षक मौलिक शोध पर ध्यान दे। प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा आज के समय में हमें बौद्धिक संपदा के अधिकार के बारे में जान लेना चाहिए। कार्यशाला समन्वयक डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. फूल सिंह यादव, डॉ. पिंक प्रभा, डॉ. दिनेश रानी बंसल, मनोज गर्ग आदि स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।