हुडा कॉम्प्लेक्स स्थित एक इंस्टीट्यूट के निदेशक को नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाने का झांसा देकर 25 लाख 71 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है।
निदेशक ने अब सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने निदेशक की शिकायत पर यूनिवर्सिटी के निदेशक, कुलपति और उपकुलपति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हुडा कांप्लेक्स स्थित जेड इंस्टीट्यूट ऑफ आईटी एंड मैनेजमेंट के निदेशक चंदर गर्ग ने कुछ दिन पहले एसपी शशांक आनंद को शिकायत दी थी कि 2012 में कैथल की एनआईआईएलएम (नॉदर्न इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरग्रेटेड लर्निंग एंड मैनेजमेंट) यूनिवर्सिटी के तीन अधिकारी उनके पास आए थे।
इनमें यूनिवर्सिटी में डायरेक्टर अलका, कुलपति साधना और उपकुलपति सुरेश सचदेवा शामिल थे। चंदर ने शिकायत में कहा था कि तीनों ने उसे नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए बतौर शुल्क 20 लाख रुपये मांगे। यह रकम ड्राफ्ट के जरिये दे दी गई।
अब किए हाथ खड़े
शिकायतकर्ता का कहना है कि यूनिवर्सिटी ने 20 लाख रुपये को-ऑडिनेटर और विद्यार्थियों की फीस आदि सहित कुल 25 लाख 71 हजार और कुछ रुपये जमा करवाए थे। कहा यह गया था कि इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा कराई जाएगी। लेकिन, आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक वर्ष ही परीक्षा ली और बाद में हाथ खड़े कर दिए। एसपी ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी, इसके बाद सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। सिविल लाइन थाना एसएचओ नवीन कुमार ने बताया कि इस मामले में नामजद रिपोर्ट हुई है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है।