डोपिंग मामले में नाडा से क्लीनचिट मिलने के बाद भी वाडा से चार साल के लिए प्रतिबंधित किए गए पहलवान नरसिंह यादव को राहत मिल सकती है। ओलंपिक में खेलने से ठीक पहले लगा उन पर प्रतिबंध हट सकता है। लेकिन यह सब सोनीपत पुलिस की जांच पर निर्भर करेगा। नाडा के चीफ साइंटिस्ट डा. अंकुश गुप्ता ने साफ किया है कि वाडा ने नरसिंह पर दिए अपने आदेश में यह बात स्पष्ट की है। सोनीपत पुलिस की जांच में यदि ऐसा कोई सबूत मिल जाता है, जिसमें नरसिंह के साथ साजिश होने की बात साफ होती है तो उनसे प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। जबकि एथलीट धर्मबीर पर प्रतिबंध लगना तय माना जा रहा है।
नाडा के चीफ साइंटिस्ट डा. अंकुश गुप्ता मंगलवार को साई की नेशनल बाक्सिंग एकेडमी में आए थे। उन्होंने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके उप्र के पहलवान नरसिंह यादव, हरियाणा के धावक धर्मबीर सिंह, एथलीट इंद्रजीत के डोपिंग में फंसने के बाद चल रही कार्रवाई के संबंध में अमर उजाला से बातचीत की। धर्मबीर ने डोपिंग में फंसने के बाद नाडा की कमेटी के सामने कहा था कि उसका थाईलैंड में भी डोप टेस्ट हुआ था। वहां उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इस कारण नाडा ने उसकी डोप टेस्ट रिपोर्ट को थाईलैंड से मांगा था। वह रिपोर्ट एक सप्ताह पहले आई है। अब रिपोर्ट का अवलोकन किया जा रहा है। हालांकि, चीफ साइंटिस्ट का कहना है कि उस रिपोर्ट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है। क्योंकि धर्मबीर का यहां हुए डोप टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव है। इसी रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाया जाएगा। यह फैसला अगले महीने कमेटी दे सकती है। इसी तरह ओलंपिक से ठीक पहले एथलीट इंद्रजीत के मामले की सुनवाई भी नाडा कमेटी अगले महीने करेगी। साफ है कि नरसिंह यादव को राहत मिलने की उम्मीद है तो धर्मबीर और इंद्रजीत के लिए प्रतिबंध की परेशानी बढ़ सकती है।