रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग के द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष में 1947 की त्रासदी से 2047 के अखंड भारत का संकल्प पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी द्वारा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत भारत विकास परिषद राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुख्य वक्ता सुरेश जैन ने दीप प्रज्वलित कर की गई। कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने मुख्य वक्ता सुरेश जैन का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया एवं शाॅल व भागवत गीता भेंट कर सम्मानित किया।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रोफेसर करण सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया। कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने मुख्य वक्ता, सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को विभाजन त्रासदी के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक अखंडता से अवगत कराया।
मुख्य वक्ता सुरेश जैन ने विभाजन के समय होने वाली त्रासदी और आम लोगों की पीड़ा के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि देश का विभाजन होता रहा पर खून खराबा नहीं हुआ लेकिन 1947 में जो विभाजन हुआ उसमें खून खराबा के साथ मानवता को बहुत गहरे जख्म दिए।
उन्होंने विभिन्न देशों के उदाहरण देते हुए राष्ट्र के प्रति प्रेम की भावना सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी युवाओं से व्यक्तित्व एवं सकारात्मक चरित्र निर्माण करते हुए सक्षम भारत, श्रेष्ठ एवं संगठित राष्ट्र बनाने के लिए आह्वान किया। उन्होंने पढ़ेंगे, बढ़ेंगे, देश को बढ़ाएंगे का सभी विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।
कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने बताया कि स्वतंत्रता की खुशी के साथ-साथ विभाजन की त्रासदी में 10-15 लाख लोग मारे गए। महिलाओं पर अत्याचार किए गए, भारतीय संस्कृति की विरासतों का बंटवारा किया गया। उन्होंने कहा कि इंसानियत को मानव कल्याण में लगाते हुए हम सभी को एकजुटता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की अखंडता को बनाए रखना है
आने वाला समय भारत देश के लिए ऐसा समय होगा जब हम पूरे विश्व को दिशा दे सकते हैं। उन्होंने भारतीय समाज के व्यवहार व सामाजिक विशेषताओं को विस्तारपूर्वक बताया।
मंच का संचालन डॉ. जागीर नगर द्वारा किया गया। निदेशक युवा कल्याण प्रोफेसर अदिति शर्मा ने मुख्य वक्ता एवं सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र हित के लिए हम सभी को योगदान देना चाहिए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर सभी विभागों के अधिष्ठाता, शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।